
Hazaribagh News: हजारीबाग में सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और फर्जीवाड़े के बड़े सिंडिकेट पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। मामले की तहकीकात को आगे बढ़ाते हुए एसीबी की टीम ने बुधवार 7 अक्टूबर को तीन और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यह पूरा मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की कई गंभीर धाराओं के तहत दर्ज है।

अफसरों और भू-माफिया की सांठगांठ का खुलासा
जांच में सामने आया है कि सरकारी जमीन को गलत तरीके से अपने नाम कराने और बेचने के इस पूरे खेल में तत्कालीन अंचलाधिकारी (CO), अंचल निरीक्षक (CI), राजस्व उपनिरीक्षक (हल्का कर्मचारी) और भू-माफियाओं का एक मजबूत गठजोड़ काम कर रहा था। नियमों को ताक पर रखकर सरकारी जमीनों के अवैध दाखिल-खारिज किए गए और कागजातों में हेरफेर कर उन्हें बाजार में बेचा गया। इस सिंडिकेट से जुड़े कई सरकारी मुलाजिम और दलाल पहले ही सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।

मुकुंदगंज इलाके से हुई तीनों की गिरफ्तारी
एसीबी की गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों की पहचान विशेश्वर प्रजापति (68), शंकर प्रजापति (62) और रामगति गुप्ता (61) के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी हजारीबाग के नयखाप (टोला मुकुंदगंज) के रहने वाले हैं। इन पर सरकारी जमीन की हेराफेरी में सक्रिय भूमिका निभाने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए फायदा उठाने का गंभीर आरोप है।
जांच के दायरे में कई और चेहरे, रडार पर बाकी फाइलें
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई यहीं रुकने वाली नहीं है। सरकारी जमीन से जुड़ी म्यूटेशन फाइलों, बैंक लेन-देन और रजिस्ट्री दस्तावेजों की बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है। ब्यूरो की इस सख्त कार्रवाई के बाद से फर्जीवाड़े में शामिल कई अन्य बिचौलियों और सफेदपोशों में हड़कंप मच गया है। जांच टीम का दावा है कि आने वाले दिनों में कुछ और प्रभावशाली लोगों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सकता है।


