
Hazaribagh news: झारखंड के हजारीबाग जिले अंतर्गत गिद्दी में सामने आए चौंकाने वाले मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर CCL कर्मी मंगलेश पाल उर्फ हैप्पी हत्याकांड की पूरी गुत्थी सुलझा ली है। अनुकंपा के आधार पर CCL में सुरक्षित नौकरी पाने के लालच में मृतक की पत्नी सोनाली ने अपने ममेरे भाई व कथित प्रेमी कौशिक कुमार नौनिया और एक नाबालिग के साथ मिलकर इस पूरी वारदात का ताना-बाना बुना था। बड़कागांव SDPO अमित आनंद ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी पत्नी और उसका साथी पिछले एक साल से मंगलेश को रास्ते से हटाने की फिराक में थे। इससे पहले भी कई मर्तबा हत्या की नाकाम कोशिशें की गई थीं, लेकिन इस बार आरोपियों ने मिलकर पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दे डाला।

झूठी कहानी बनाकर गुमराह
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी पत्नी सोनाली ने खुद को बेकसूर दिखाने और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी तैयार कर ली थी। हालांकि हजारीबाग SP के निर्देश पर गठित SIT ने जब घटनास्थल पर पहुंचकर डॉग स्क्वायड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स और SFL टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए, तो उसकी बनाई कहानी बिखर गई। पुलिस ने जब तकनीकी पहलुओं, कॉल डिटेल्स और परिस्थितियों की कड़ियां जोड़ते हुए सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपियों का झूठ टिक नहीं सका और उन्होंने अपना जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया।

खून से सने हथियार बरामद
तफ्तीश के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया खून से सना दाउली, चाकू, पोछा और दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के मकसद से जलाए गए पति-पत्नी के मोबाइल और आरोपियों के खून से सने कपड़े व चप्पल भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी कौशिक कुमार नौनिया को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि पकड़े गए नाबालिग के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस त्वरित कार्रवाई में SDPO अमित आनंद, पुलिस निरीक्षक शाहीद रजा, गिद्दी थाना प्रभारी मो. इकबाल हुसैन और उरीमारी थाना प्रभारी रथु उरांव सहित कई पुलिस जवान मुस्तैद रहे।


