
Jharkhand Chief Minister: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी माता रूपी सोरेन के निधन के बाद इन दिनों रामगढ़ जिले में स्थित अपने पैतृक गांव नेमरा में हैं। मातृशोक के इस अत्यंत भावुक और कठिन समय में भी मुख्यमंत्री अपने प्रशासनिक और संवैधानिक दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाते नजर आ रहे हैं। पारिवारिक रीति-रिवाजों और जिम्मेदारियों को पूरा करने के साथ-साथ वे राज्य के प्रशासनिक कामकाज का निष्पादन भी अपने पैतृक घर से ही कर रहे हैं। नेमरा स्थित आवास पर जरूरी सरकारी फाइलों का अध्ययन और प्रशासनिक फाइलों पर हस्ताक्षर करते हुए मुख्यमंत्री की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

शोक के बीच नहीं रुकने दिया शासन का पहिया


पूरा सोरेन परिवार इस समय मां के चले जाने से गहरे शोक में डूबा हुआ है। इसके बावजूद राज्य के मुखिया के तौर पर प्रशासनिक व्यवस्था में कोई व्यवधान न आए, इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में बने हुए हैं। जरूरी नीतिगत फैसलों, विकास योजनाओं और जनहित से जुड़ी अहम फाइलों को वे खुद गांव में ही देख रहे हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं।
पारिवारिक दायित्व और जनता के प्रति जवाबदेही दोनों साथ-साथ
नेमरा में मौजूद अधिकारियों और करीबी सहयोगियों का कहना है कि मुख्यमंत्री इस गहरे दुख की घड़ी में भी जनसेवा और राज्य के कामकाज को प्रभावित नहीं होने देना चाहते। एक तरफ जहां वे परिवार के सदस्यों के साथ पारंपरिक शोक विधियों में शामिल हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वक्त निकालकर सरकार से जुड़े रोजमर्रा के आवश्यक कार्यों को भी निपटा रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह कर्तव्यबोध प्रशासनिक महकमे और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।


