
Jharkhand High Court : सिल्ली स्थित हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के मुरी प्लांट में हुए उग्र बवाल और हंगामे के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति रंगोन मुखोपाध्याय की अदालत ने जिला प्रशासन को दो टूक निर्देश जारी करते हुए कहा है कि फैक्ट्री परिसर और उसके आसपास हर हाल में शांति और कानून व्यवस्था कायम रहनी चाहिए। अदालत ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी कि पिछले दिनों जो हिंसक हालात पैदा हुए थे, वैसी स्थिति दोबारा किसी भी कीमत पर उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। यह आदेश हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से दायर क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

अदालत में वीडियो फुटेज पेश, कर्मचारियों को बंधक बनाने का आरोप
अदालत में याचिकाकर्ता कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अंकित विशाल ने पक्ष रखा। कंपनी के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि स्थानीय विधायक के नेतृत्व में मजदूरों की मांगों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले चुका था। कंपनी प्रबंधन ने दलील दी कि कई जायज मांगें पहले ही मान ली गई थीं, इसके बावजूद प्रदर्शन को खत्म नहीं किया गया और हालात इतने बिगड़ गए कि कंपनी के कई कर्मचारी फैक्ट्री परिसर के भीतर ही बंधक बनकर रह गए। आरोप यह भी लगाया गया कि आंदोलनकारियों ने रास्ते से गुजर रहे आम राहगीरों के साथ गाली-गलौज और मारपीट तक की। कंपनी ने कोर्ट के सामने प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के वीडियो फुटेज भी पेश किए और SDM स्तर पर BNSS की धारा 163 लागू कराने की गुहार लगाई।

महाधिवक्ता बोले- आंदोलन खत्म, अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
दूसरी तरफ राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता रोहित राय ने अदालत को आश्वस्त किया कि वर्तमान में आंदोलन समाप्त हो चुका है और इलाके में कानून व्यवस्था पूरी तरह बहाल है। उन्होंने बताया कि नाइट शिफ्ट में फंसे तमाम कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। वहीं याचिकाकर्ता पक्ष ने अदालत को जानकारी दी कि प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच बची हुई मांगों पर बातचीत का दौर चल रहा है, इसलिए मामले की सुनवाई को फिलहाल दो हफ्ते के लिए टाल दिया जाए।
28 अक्टूबर को अगली सुनवाई, डीसी-एसपी से लेकर विधायक तक प्रतिवादी
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर के लिए मुकर्रर कर दी। कोर्ट ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने का आदेश देने के साथ-साथ फैक्ट्री प्रबंधन को भी हिदायत दी कि शांति बनाए रखने में जिला प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जाए। इस हाई-प्रोफाइल मामले में राज्य सरकार के अलावा रांची के उपायुक्त (DC), सदर एसडीएम (SDM), एसपी (SP), मुरी थाना प्रभारी और सिल्ली के विधायक अमित कुमार को प्रतिवादी बनाया गया है। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद मुरी इलाके में प्रशासनिक निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा किसी भी तरह के उपद्रव को तुरंत कुचला जा सके।


