
Dumka: उपराजधानी दुमका पहुंचीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की वरिष्ठ नेत्री सीता सोरेन ने अपने देवर और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड राज्य के गठन को 26 वर्ष बीत चुके हैं और जनता ने मौजूदा सरकार से बहुत बड़ी उम्मीदें बांधी थीं, लेकिन सरकार की कार्यशैली के कारण वे तमाम उम्मीदें अब घोर निराशा में तब्दील हो चुकी हैं।

बुनियादी सुविधाओं की बदहाली पर जताई चिंता
सीता सोरेन ने राज्य के विकास की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में आम जनता से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी हैं। दूर-दराज के इलाकों में लोग बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहे हैं, जबकि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावों तक ही सीमित रह गई है।

अवैध कोयला-बालू कारोबार और पुलिस पर आरोप
राज्य में कानून व्यवस्था और संसाधनों की लूट पर गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा नेत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में अवैध कोयला और बालू का धंधा बेखौफ और धड़ल्ले से चल रहा है। उन्होंने प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था संभालने के बजाय पुलिस विभाग को अवैध कारोबार की निगरानी और संरक्षण में लगा दिया गया है, जिससे अपराध और अराजकता को बढ़ावा मिल रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर जनता से भागने का आरोप
सीता सोरेन ने स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं को अनसुना किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के स्थानीय विधायक और सांसद जनता के बुनियादी सवालों और जवाबदेही से लगातार भाग रहे हैं। जब आम लोग अपनी समस्याएं लेकर जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब इस उपेक्षा और कुशासन का जवाब देने के लिए तैयार बैठी है।


