
New Delhi Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार, 10 अक्टूबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन से पहले ट्रेनों को रद्द करने और मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की मांग को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को युवाओं से इतना डर लगता है तो पूरे देश को ही बंद कर देना चाहिए। दीपके ने साफ कहा कि पुलिस अनुमति दे या नहीं, उनका आंदोलन होकर रहेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए तय जगह है तो वहां शांतिपूर्ण विरोध करने के लिए अनुमति लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है?

दरअसल, CJP ने चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसी मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए शनिवार को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने CJP को इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद पार्टी अपने फैसले पर अड़ी हुई है। अभिजीत दीपके का कहना है कि संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार देता है और सरकार इस अधिकार को दबा नहीं सकती।

ट्रेनें रद्द करने और 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने की मांग पर उठाए सवाल
प्रदर्शन से ठीक पहले रेलवे बोर्ड ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) से 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का अनुरोध किया है। इन फैसलों को लेकर CJP संस्थापक ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि युवाओं को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
पत्रकारों से बातचीत में दीपके ने कहा कि अगर सरकार युवाओं से डरती है तो उसे पूरा देश ही बंद कर देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि एक तरफ सरकार प्रदर्शन से आम लोगों को परेशानी होने की बात कहती है, लेकिन दूसरी तरफ ट्रेनें रद्द करने, मेट्रो स्टेशन बंद करने और सड़कों पर रोक लगाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, इससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ेगी।
‘क्या दिल्ली मोदी और अमित शाह की निजी संपत्ति है?’
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दिल्ली नरेंद्र मोदी या अमित शाह की निजी या पुश्तैनी संपत्ति है, जहां लोगों को अपनी बात रखने से रोका जा सकता है? उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
दीपके ने मतदाता सूची से 13 करोड़ वोट हटाए जाने का भी दावा किया और सवाल किया कि क्या ऐसा करने से पहले लोगों की अनुमति ली गई थी। हालांकि, यह CJP संस्थापक का आरोप है और उपलब्ध जानकारी में इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। उन्होंने कहा कि देश को बचाने के लिए विरोध करना जरूरी है और शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का उनका फैसला नहीं बदलेगा।
फिलहाल दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और परिवहन व्यवस्था में बदलाव के बीच शनिवार के कार्यक्रम को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। CJP अपने प्रदर्शन पर अड़ी है, जबकि रेलवे और मेट्रो से जुड़े फैसलों का असर राजधानी आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है।


