
Khunti: दुर्गा पूजा का पावन त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए खूंटी पुलिस पूरी तरह एक्शन में आ गई है। जिले में कानून व्यवस्था मजबूत रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन में सभी पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की ब्रीफिंग की। इस दौरान उन्होंने सभी कर्मियों को पूरी सतर्कता, मुस्तैदी और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

महिला सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस
ब्रीफिंग के दौरान एसपी ने कहा कि त्योहार के दिनों में पूजा पंडालों और सार्वजनिक जगहों पर श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में उनकी हिफाजत पुलिस की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन दुरुस्त रखने और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर बनाए रखने को कहा। भीड़भाड़ वाले इलाकों में मनचलों या छेड़खानी करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।

रात में बढ़ेगी पेट्रोलिंग, बैंक और बाजारों पर पैनी नजर
त्योहार के सीजन में चोरी और छिनतई जैसी वारदातों पर रोक लगाने के लिए रात्रि गश्त को और अधिक तेज करने का आदेश दिया गया है। आभूषण दुकानों, बैंकों, व्यावसायिक केंद्रों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा पंडालों के आसपास जाम की समस्या से निपटने के लिए सुगम यातायात और सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था बनाने को कहा गया है ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई असुविधा न हो।
सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा उपकरणों की होगी जांच
सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एसपी ने प्रमुख चौराहों और पंडालों में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति लगातार जांचने का निर्देश दिया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पंडालों में अग्निशामक यंत्रों की मौजूदगी और कार्यक्षमता की नियमित जांच करने को कहा गया है।
जनता से शालीन व्यवहार और अनुशासन की हिदायत
एसपी ने जवानों को दो टूक शब्दों में चेताया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कर्मियों को सही वर्दी में रहने और पेशेवर रुख अपनाने का निर्देश मिला है। उन्होंने कहा कि आम जनता और श्रद्धालुओं के साथ पुलिस का बर्ताव शालीन, विनम्र और मददगार होना चाहिए ताकि लोगों के मन में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़े। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को हर संभव मदद प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।


