
ट्रेन से लंबी दूरी की यात्रा करते समय खाना एक बड़ी जरूरत होती है। कई यात्री घर से खाना लेकर चलते हैं। लेकिन लंबी यात्रा या समय की कमी के कारण कई बार ट्रेन में ही खाना खरीदना पड़ता है।

ऐसे में यात्रियों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि ट्रेन में मिलने वाला खाना कितनी साफ-सफाई से तैयार किया जाता है। खाने की गुणवत्ता और हाइजीन को लेकर अब रेलवे की ओर से निगरानी बढ़ाने की तैयारी है।

Pantry Car और Base Kitchen में लगेगा CCTV
भारतीय रेलवे IRCTC की Catering Service पर निगरानी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे की Pantry Car और Base Kitchen में CCTV कैमरों का नेटवर्क लगाने की योजना है। फिलहाल ऐसी व्यवस्था ईस्ट सेंट्रल रेलवे रूट पर चलने वाली कुछ प्रीमियम ट्रेनों में मौजूद है। अब इसे ज्यादा व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी की जा रही है।
हाल ही में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने नई दिल्ली स्थित IRCTC के वॉर रूम का दौरा कर Catering Service की निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान यात्रियों को साफ-सुथरा और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
खाना बनाने से पैकेजिंग तक होगी निगरानी
जानकारी के मुताबिक, ईस्ट सेंट्रल रेलवे में मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए कुल 73 Pantry Car और Train Side Vending Service संचालित हैं। वहीं Base Kitchen की संख्या बढ़ाकर 62 की गई है।
इन जगहों पर CCTV कैमरों का नेटवर्क लगाए जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य खाना तैयार करने से लेकर उसकी पैकेजिंग और सप्लाई तक की प्रक्रिया पर नजर रखना है।इससे यह निगरानी करने में मदद मिलेगी कि खाना किस तरह तैयार किया जा रहा है और साफ-सफाई के मानकों का कितना पालन हो रहा है।
अगर निगरानी के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे को उम्मीद है कि CCTV निगरानी से Catering Service में पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता का भोजन मिल सकेगा।
24×7 निगरानी की तैयारी
CCTV नेटवर्क का सबसे बड़ा फायदा लगातार निगरानी में होगा। कैमरों से Pantry Car और Base Kitchen की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा सकेगा।इससे किसी शिकायत के बाद संबंधित समय की फुटेज देखकर यह पता लगाने में भी मदद मिल सकती है कि खाना तैयार करने या सप्लाई करने के दौरान क्या हुआ था। यानी यात्रियों की शिकायतों की जांच के लिए भी CCTV फुटेज एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
AI-enabled CCTV कैसे करेगा काम?
इस व्यवस्था में AI-enabled CCTV कैमरों का इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे कैमरे सिर्फ वीडियो रिकॉर्ड करने तक सीमित नहीं होते। स्मार्ट डिटेक्शन सिस्टम की मदद से फुटेज में कुछ तय गतिविधियों या परिस्थितियों की पहचान कर अलर्ट देने की क्षमता भी हो सकती है।
उदाहरण के तौर पर, सिस्टम को जिन मानकों के लिए कॉन्फिगर किया जाए, उनके आधार पर वह असामान्य गतिविधि या निर्धारित नियमों से जुड़ी स्थिति को चिन्हित कर सकता है।
हालांकि, AI सिस्टम की वास्तविक क्षमताएं इस बात पर निर्भर करेंगी कि रेलवे किस तरह के कैमरे और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता है और उन्हें किन मानकों के अनुसार कॉन्फिगर किया जाता है।
यात्रियों को क्या फायदा होगा?
CCTV निगरानी बढ़ने से सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। खाना बनाने और उसकी सप्लाई की प्रक्रिया पर निगरानी रहने से Hygiene और Quality Control को मजबूत किया जा सकता है।
साथ ही, अगर किसी यात्री को खाने की गुणवत्ता या सफाई को लेकर शिकायत होती है तो CCTV रिकॉर्डिंग जांच में मददगार हो सकती है। रेलवे की यह पहल अगर व्यापक स्तर पर लागू होती है तो ट्रेन में मिलने वाले भोजन को लेकर यात्रियों का भरोसा बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।


