
Irfan Ansari: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने गरीब परिवारों के बच्चों की सुविधाओं को लेकर भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के महल जैसे घर हैं, उनके बच्चों के कपड़े बड़ी-बड़ी कंपनियों के सूटकेस और ट्रॉली बैग में जाते हैं, जबकि गरीब परिवारों के बच्चे आज भी अपने कपड़े झोले में लेकर चलते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गरीबों के बच्चों को भी बेहतर सुविधाएं क्यों नहीं मिलनी चाहिए? मंत्री ने जरूरतमंद परिवारों को ट्रॉली बैग बांटने का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ सामान रखने का बैग नहीं, बल्कि गरीबों के सम्मान और आत्मसम्मान से जुड़ी बात है।

डॉ. इरफान अंसारी ने अपने बयान में गरीब परिवारों को ट्रॉली बैग देने के दौरान का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने परिवारों को ट्रॉली बैग दिए तो उनकी खुशी देखने लायक थी। कुछ लोग अपने पुराने झोले वापस करने लगे, लेकिन उन्होंने उनसे कहा, “झोला वापस करो और ट्रॉली बैग लेकर जाओ!” मंत्री के मुताबिक, यह सुनकर बच्चों के माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।

भाजपा नेताओं के बच्चों को सुविधाएं, तो गरीबों के बच्चों को क्यों नहीं?
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि समाज में गरीब और संपन्न परिवारों के बीच सुविधाओं का अंतर साफ दिखाई देता है। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की जीवनशैली का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया कि जब उनके बच्चों को अच्छी सुविधाएं मिल सकती हैं, तो गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को इन सुविधाओं से दूर क्यों रहना चाहिए?
उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों के सपने भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने किसी संपन्न परिवार के बच्चों के। ऐसे परिवारों को छोटी-छोटी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
डॉ. अंसारी ने बताया कि ट्रॉली बैग मिलने के बाद परिवारों के चेहरों पर जो खुशी दिखाई दी, वह उनके लिए बेहद खास पल था। उन्होंने कहा, “उस पल मुझे महसूस हुआ कि किसी गरीब परिवार के चेहरे पर मुस्कान लाने से बड़ी खुशी दुनिया में कोई नहीं है।”
गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवारों को ट्रॉली बैग देने का संकल्प
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवारों को भी ट्रॉली बैग उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसी मां को अपने बच्चे के कपड़े झोले में लेकर न जाना पड़े।
उन्होंने कहा कि यह पहल केवल ट्रॉली बैग देने तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मान के साथ जीने का अवसर देने से जुड़ी है। उनका मकसद है कि आदिवासी, गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को भी बेहतर सुविधाएं मिलें और उनके माता-पिता के चेहरे पर खुशी दिखाई दे।
डॉ. अंसारी ने कहा, “मैं जिंदगी में हर वह काम करूंगा, जिससे मेरे लोग मुस्कुराते रहें। आपकी खुशी ही मेरी ताकत है।”
‘मैं मंत्री बाद में हूं, पहले इंसान हूं’
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जनता ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और जनता का सम्मान करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने अपने बयान में कहा, “जनता मेरी पूंजी है, जनता का सम्मान मेरा धर्म है। मैं मंत्री बाद में हूं, पहले इंसान हूं। गरीब परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही मेरी सबसे बड़ी खुशी है।”
उन्होंने कहा कि वे आगे भी गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मदद करने का प्रयास करते रहेंगे, ताकि उनके जीवन में खुशियां आएं और वे सम्मान के साथ जी सकें।


