
Dumka: झारखंड के दुमका में राजनीतिक सरगर्मी तेज करते हुए गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राजनीति का आधार हमेशा जनता के बीच किए गए वास्तविक विकास कार्य होने चाहिए। दुमका की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यहां लंबे समय से एक ही परिवार का वर्चस्व रहा है, लेकिन आज भी ऐसा कोई बड़ा काम या विकास का मॉडल नजर नहीं आता जिसे जनता के सामने मिसाल के तौर पर पेश किया जा सके।

सड़क की बदहाली पर गोड्डा और दुमका की तुलना
विकास के दावों की पोल खोलते हुए सांसद ने सड़क बुनियादी ढांचे का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि दुमका लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली सड़कों की स्थिति आज भी काफी खराब है, लेकिन जैसे ही गोड्डा लोकसभा क्षेत्र की सीमा शुरू होती है, सड़कों की स्थिति काफी बेहतर और चमकती हुई दिखाई देती है। उन्होंने जेएमएम द्वारा प्रखंड मुख्यालयों पर हाल ही में आयोजित किए गए धरना प्रदर्शन की आलोचना करते हुए सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया।

कोयला और खनन कानून पर सरकार को चुनौती
खनन कानून में संशोधन और कोयले के मुद्दों पर जेएमएम के विरोध का जवाब देते हुए सांसद ने सवाल उठाया कि क्या देश में सिर्फ झारखंड में ही कोयला है? उन्होंने स्पष्ट किया कि असली समस्या कोयले की नहीं बल्कि उसकी चोरी की है। भविष्य का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कोयले पर देश की निर्भरता कम होने वाली है, इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए। उन्होंने हेमंत सरकार को चुनौती देते हुए यहां तक कह दिया कि यदि हिम्मत है तो झारखंड में कोयला उत्पादन बंद कर दें, क्योंकि भारत सरकार को इसकी कोई कमी नहीं है।
ट्रेन सेवा का ऐलान और एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर आरोप
क्षेत्र के विकास की बात करते हुए निशिकांत दुबे ने बड़ी घोषणा की कि बहुत जल्द दुमका से सीधे दिल्ली और मुंबई के लिए नई ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा, एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया को लेकर उन्होंने हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि राज्य सरकार इस पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि के. रवि कुमार पर दबाव बनाने की कोशिश की गई है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जब तक एसआईआर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित अधिकारियों को झारखंड से बाहर रखा जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में एबीवीपी की शानदार जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि आज का युवा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के साथ मजबूती से खड़ा है।


