
Dumka: दुमका जिले में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के रवैये से नाराज जल सहिया संगठन की महिला कर्मचारियों ने विभाग के कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन कर रही जल सहियाओं का कहना है कि उन्हें हर महीने 2,000 रुपये का मानदेय मिलता है, जो पिछले 23 महीनों से बकाया है। इसमें पिछले साल का 17 महीने और इस साल का 6 महीने का बकाया शामिल है। लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

राशि आवंटित होने के बाद भी भुगतान में देरी
जल सहियाओं का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग दुमका को मानदेय की राशि लगभग 4 महीने पहले ही भेज दी गई थी। आवंटन मिलने के बावजूद विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण अब तक मानदेय का वितरण नहीं किया गया है। सरकार की ओर से राशि जारी होने के बाद भी भुगतान न होने से कर्मचारियों में गहरा असंतोष है।


त्यौहार से पहले मानदेय देने की मांग
संगठन की जिलाध्यक्ष रजनी मिर्धा ने बताया कि सामने दुर्गा पूजा जैसा बड़ा त्यौहार है, लेकिन मानदेय न मिलने से जल सहियाओं के पास खर्च के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ कर्मचारी भुगतान करने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे हैं। जल सहियाओं ने कार्यपालक अभियंता से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पूजा से पहले बकाया राशि के भुगतान की मांग की है।
20 दिन में भुगतान का मिला आश्वासन
विरोध-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर कार्यपालक अभियंता संगठन की महिला प्रतिनिधियों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने जल सहियाओं की समस्याएं सुनने के बाद आश्वासन दिया कि अगले 20 दिनों के भीतर बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं, जल सहिया संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ, तो वे दोबारा कार्यालय का घेराव करेंगी।


