
Jamshedpur News: वर्दी का रौब दिखाकर कमजोरों की आवाज दबाने और विश्वास के रिश्ते को तार-तार करने का एक बेहद शर्मनाक मामला जमशेदपुर के बागबेड़ा से सामने आया है। जिस दहलीज पर एक 13 साल की बच्ची सेहत और अनुशासन का पाठ पढ़ने जाती थी, वहीं उसे अपनी अस्मत पर खतरे का सामना करना पड़ा। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) ने घर में बच्ची को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की। हद तो तब हो गई जब इस करतूत की शिकायत लेकर पहुंचे पीड़ित परिजनों को इंसाफ मिलने के बजाय उल्टे धमकी मिली। आरोपी की पत्नी ने खाकी का रौब दिखाते हुए परिवार को मुंह बंद रखने का फरमान सुना दिया। हालांकि, कानून के शिकंजे के आगे वर्दी की यह हेकड़ी टिक नहीं पाई और पुलिस ने पति-पत्नी दोनों पर शिकंजा कसते हुए केस दर्ज कर लिया है, जबकि रेलवे ने आरोपी अफसर को सस्पेंड कर दिया है।

पत्नी के बाहर जाते ही बच्ची को अकेला पाकर की नीच हरकत
घटना बागबेड़ा थाना क्षेत्र की है। आरोपी आरपीएफ एएसआई आरपी सिंह का अपना निजी मकान यहीं स्थित है। पीड़ित 13 वर्षीय बच्ची आरोपी की पत्नी से नियमित रूप से योगा सीखने उनके घर जाया करती थी। परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन जब बच्ची योगा क्लास के लिए पहुंची, तो ASI की पत्नी किसी काम से घर पर मौजूद नहीं थी। घर को खाली देखकर आरोपी आरपी सिंह की नीयत बिगड़ गई। उसने नाबालिग को अकेला पाकर उसके साथ जबरदस्ती और दुष्कर्म की कोशिश की। किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर बच्ची बदहवास हालत में अपने घर पहुंची और रोते हुए माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई।

शिकायत करने पहुंचे परिजनों को मिली धमकी, बड़े अफसर होने का दिखाया रौब
मासूम बेटी की आपबीती सुनकर जब परिजन सीधे आरोपी के घर पहुंचे और उसकी पत्नी से शिकायत की, तो वहां से मिलने वाला जवाब और भी हैरान करने वाला था। एक महिला होने के नाते बच्ची का दर्द समझने के बजाय आरोपी की पत्नी उल्टे पीड़ित परिवार पर ही बरस पड़ी। उसने परिजनों को धमकाते हुए कहा कि उसके पति पुलिस विभाग में बड़े अधिकारी हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। थाने जाने पर गंभीर अंजाम भुगतने तक की धमकी दी गई। आरोपी पक्ष के इस अड़ियल और डरावने रवैये के बाद पीड़ित परिवार ने डरने के बजाय सीधे बागबेड़ा थाने का रुख किया और पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसआई आरपी सिंह और उसकी पत्नी दोनों के खिलाफ POCSO एक्ट समेत कई अन्य गंभीर धाराओं में नामजद केस दर्ज कर लिया।
दो महीने से छुट्टी पर था ASI, रेलवे ने तत्काल प्रभाव से किया सस्पेंड
आरोपी ASI आरपी सिंह चक्रधरपुर रेल मंडल के तहत आने वाले पश्चिमी सिंहभूम जिले के डोंगवापोसी RPF पोस्ट पर तैनात है और पिछले करीब दो महीनों से छुट्टी पर चल रहा था। जैसे ही इस संगीन मामले और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR की खबर रेलवे के आला अधिकारियों तक पहुंची, विभाग में हड़कंप मच गया। रेलवे प्रशासन ने बिना कोई देर किए आरोपी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। बागबेड़ा थाना पुलिस ने पीड़िता और उसके परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


