
Jamtara News: जामताड़ा के सब-जज नईम अंसारी ने गिरिडीह में पदस्थापन के दौरान हुई ठगी के मामले में तीन वकीलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने विधि मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से शिकायत कर वकील बब्लू अंसारी, सद्दाम और शेर अली का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। सब-जज की शिकायत पर एक्शन लेते हुए विधि मंत्रालय ने इस शिकायती पत्र को बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेज दिया है, ताकि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा सके।

50-60 लोगों का गैंग बनाकर जमीन का खेल
सब-जज द्वारा भेजे गए शिकायती पत्र में इन तीनों वकीलों पर संगठित भू-माफिया की तरह काम करने का संगीन आरोप लगाया गया है। पत्र के मुताबिक, इन्होंने 50-60 लोगों का एक सिंडिकेट बना रखा है, जो अंचल और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी वंशावली तैयार करता है। इसके बाद दूसरों की जमीनों के फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें मार्केट में बेच दिया जाता है।

छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम की जमीन का फर्जीवाड़ा
ठगी की इस पूरी साजिश का शिकार खुद सब-जज तब बने जब वे गिरिडीह में तैनात थे। बब्लू और सद्दाम ने एक जमीन की बिक्री के नाम पर उनके साथ एग्रीमेंट किया और एडवांस के तौर पर 5 लाख रुपये ऐंठ लिए। बाद में जांच में पता चला कि इन लोगों ने एक महिला के नाम पर फर्जी वंशावली बनाकर छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) के तहत आने वाली जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए थे। सच सामने आने के बाद सब-जज और पीड़ित महिला, दोनों ने गिरिडीह थाने में अलग-अलग FIR दर्ज कराई।
2 वकीलों पर जिला बदर (तड़ीपार) का एक्शन शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए सब-जज ने गिरिडीह उपायुक्त (DC) से इन जमीन माफिया बने वकीलों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने का अनुरोध किया था। शिकायती पत्र में दिए गए तथ्यों और सबूतों के आधार पर गिरिडीह डीसी ने वकील बब्लू और सद्दाम समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ जिला बदर (तड़ीपार) की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।


