
Bihar News: बिहार के जमुई में सड़क पर एक नाबालिग छात्रा के साथ हुई शर्मनाक बदसलूकी की घटना अब सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसने राज्य की सियासत में भी बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। वजह बनी सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड यानी JDU के अपने ही वरिष्ठ नेताओं की टिप्पणी, जिसने पूरी पार्टी को बैकफुट पर ला दिया।

मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर मचा बवाल
घटना पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं और इस पर सरकार की नजर है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह के कृत्य करने वाले बिहार में बच नहीं पाएंगे। इसी तरह की प्रतिक्रिया बिहार JDU अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से भी आई, जिन्होंने कहा कि छिटपुट घटना घटती है तो पार्टी उस पर संवेदनशील रहती है। एक गंभीर वारदात को ‘छिटपुट’ बताए जाने पर पार्टी की खासी आलोचना होने लगी, जिसके बाद JDU को सफाई देने के लिए मैदान में उतरना पड़ा।

प्रवक्ता ने संभाला मोर्चा, बदली भाषा
बढ़ते विवाद को थामने के लिए JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन सामने आए। उन्होंने कहा कि नेताओं के बयान का भावार्थ समझने की जरूरत है और बिहार में कोई भी अपराधी बच नहीं सकता। उन्होंने जमुई पुलिस की तारीफ करते हुए बताया कि वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए पीड़िता के परिवार से संपर्क किया, शिकायत दर्ज कराई और वायरल वीडियो के आधार पर तेजी से गिरफ्तारियां भी कीं।
अगली सुबह बदला सुर, मंत्री ने दिखाई गंभीरता
विवाद थमता न देख अगली सुबह मंत्री श्रवण कुमार ने दोबारा पत्रकारों को बुलाकर इस बार पूरी तरह अलग लहजे में बयान दिया। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और शर्मसार करने वाला बताते हुए कहा कि इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बाकी बचे दोषियों के खिलाफ भी पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। वहीं JDU अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी अपने पुराने बयान पर सफाई देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि यह घटना बेहद दुखद, निंदनीय और मर्माहत करने वाली है, और मामले में SIT का गठन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और उनका मकसद हमेशा से सख्त कार्रवाई की बात करना ही रहा है।
विपक्ष ने भी साधा निशाना
इस पूरे विवाद पर कांग्रेस नेता उदित राज ने मंत्री श्रवण कुमार के शुरुआती बयान की तीखी आलोचना की और कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं की संवेदनशीलता तभी जागती है जब मामला अपने परिवार से जुड़ा हो। वहीं भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने इसे मंत्री का निजी बयान बताते हुए कहा कि मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हालात पर काबू रखे, और सरकार इसे निभा रही है। फिलहाल जमुई की इस घटना ने अपराध से आगे बढ़कर बिहार की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है।


