
जमुई: जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तीन दिवसीय राज्य स्तरीय अंतर प्रमंडल विद्यालय बालिका कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ हो गया है। अल्पसंख्यक बालक छात्रावास, सोनपे परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला पदाधिकारी ने किया। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, खेल विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन, जमुई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्यभर की 400 से अधिक बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता का समापन 14 अक्टूबर को होगा।

अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में होंगे मुकाबले
प्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग की खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। इसमें बिहार के नौ प्रमंडलों—मुंगेर, पटना, भागलपुर, मगध, कोशी, तिरहुत, सारण, पूर्णिया और दरभंगा—की टीमों के साथ कबड्डी एकलव्य सेंटर की खिलाड़ी भी भाग ले रही हैं।

मैचों के सुचारु संचालन के लिए अंतरराष्ट्रीय रेफरी राणा रंजीत सिंह और श्याम नंदन सिंह सहित 50 से अधिक तकनीकी अधिकारियों की तैनाती की गई है।
डीएम ने खिलाड़ियों को दिया अनुशासन और खेल भावना का संदेश
उद्घाटन समारोह में जिला पदाधिकारी ने कबड्डी की भारतीय परंपरा और इसमें टीम भावना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, आपसी सहयोग और खेल भावना के साथ मुकाबलों में भाग लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद खेलों का महत्व कम नहीं हुआ है। सरकार के प्रयासों और उद्योग एवं खेल मंत्री की पहल से जमुई में इतने बड़े स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन जिले के लिए गर्व की बात है।
डीएम ने कहा कि कबड्डी ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। ऐसी प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और उसे निखारने का अवसर प्रदान करती हैं।
‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ नीति से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन
जिला पदाधिकारी ने ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा और प्रोत्साहन मिला है। खेल अब केवल प्रतिभा दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का एक महत्वपूर्ण रास्ता भी बन रहा है।
उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश दिया कि जीत और हार खेल का हिस्सा हैं। हार मिलने पर निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करना चाहिए।
लीग-सह-नॉकआउट प्रारूप में होंगे मुकाबले
प्रतियोगिता का आयोजन लीग-सह-नॉकआउट प्रारूप में किया जा रहा है। सभी टीमों को दो पूल में बांटा गया है। दोनों पूल से दो-दो सर्वश्रेष्ठ टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। इसके बाद सेमीफाइनल की विजेता टीमें खिताब के लिए फाइनल मुकाबले में आमने-सामने होंगी। देर शाम तक मैच जारी रहने की संभावना को देखते हुए मैदान में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सहित जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
जमुई के लिए गौरव का अवसर
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी को जमुई के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भागीदारी जिले में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाती है। भगवान महावीर की पावन धरती पर आयोजित यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को मंच देने के साथ-साथ जिले की सकारात्मक पहचान को मजबूत करने का भी अवसर है।
उद्घाटन समारोह में जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और खेल विभाग के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


