
जहानाबाद: आस्था और विश्वास इंसान को कई बार ऐसे संकल्प लेने की प्रेरणा देते हैं, जिनकी शुरुआत बेहद छोटे स्तर से होती है और धीरे-धीरे वह सामुदायिक प्रयास में बदल जाता है। जहानाबाद के टेनी बीघा गांव निवासी करीब 38 वर्षीय पंकज कुमार इन दिनों कुछ ऐसे ही संकल्प के चलते चर्चा में हैं।

पंकज गांव के छठ घाट पर भगवान सूर्य का मंदिर बनवा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें सपने में भगवान सूर्य के दर्शन हुए और मंदिर निर्माण का आदेश मिला। इसके बाद उन्होंने मंदिर बनाने का संकल्प लिया। अब वह अपनी रोजाना की कमाई का बड़ा हिस्सा मंदिर निर्माण में लगा रहे हैं।

छठ से पहले मंदिर पूरा करने का लक्ष्य
पंकज शहर में वाशिंग सेंटर चलाते हैं और उनकी रोजाना की कमाई करीब 500 से 800 रुपये बताई गई है। इसी कमाई से वह मंदिर निर्माण के लिए पैसे जुटा रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि इस वर्ष छठ पूजा से पहले मंदिर का निर्माण पूरा हो जाए और भगवान सूर्य की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना शुरू की जा सके।
पंकज के अनुसार, करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने गांव के छठ घाट पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देना शुरू किया था। उनके मुताबिक, पहले ही वर्ष छठ पूजा के दौरान उन्हें अलग तरह की आध्यात्मिक अनुभूति हुई। इसके बाद भगवान सूर्य के प्रति उनकी आस्था और मजबूत होती गई।
सपने में मिला मंदिर बनाने का आदेश
पंकज बताते हैं कि मार्च 2026 में उन्हें सपने में भगवान सूर्य के दर्शन हुए। उनके अनुसार, सपने में उन्हें मंदिर निर्माण कराने का आदेश मिला। सुबह उठने के बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों से इस बारे में चर्चा की। परिवार की सहमति मिलने के बाद उन्होंने गांव के लोगों को मंदिर निर्माण की योजना के बारे में बताया।
शुरुआत में कुछ लोगों ने उनकी सीमित आमदनी को देखते हुए सवाल भी उठाया कि इतने कम पैसे में मंदिर का निर्माण कैसे पूरा होगा। हालांकि, पंकज ने निर्माण शुरू करने का फैसला किया।
महज 15 हजार रुपये से रखी गई नींव
पंकज के मुताबिक, जब मंदिर की नींव रखने की तैयारी हुई, उस समय उनके पास सिर्फ 15 हजार रुपये थे। इसी राशि से गांव के छठ घाट पर सूर्य मंदिर का भूमि पूजन कराया गया और निर्माण कार्य शुरू हुआ।
समय के साथ ग्रामीण और श्रद्धालु भी इस पहल से जुड़ते चले गए। कोई सीमेंट दे रहा है तो कोई बालू और गिट्टी उपलब्ध करा रहा है। इस तरह मंदिर निर्माण में लोगों का सहयोग भी मिलने लगा।
अब तक 60-65 फीसदी काम पूरा
पंकज के अनुसार, मंदिर का करीब 60 से 65 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब तक वह अपनी ओर से करीब तीन लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। उनका कहना है कि यदि ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का सहयोग इसी तरह मिलता रहा तो छठ पूजा से पहले निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद मंदिर में भगवान सूर्य की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू करने की तैयारी है।
पंकज की कहानी सिर्फ मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं है। सीमित आमदनी के बावजूद अपने संकल्प को पूरा करने की कोशिश और धीरे-धीरे ग्रामीणों का इससे जुड़ना इस पहल को स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना रहा है। अब पंकज को उम्मीद है कि छठ से पहले सूर्य मंदिर पूरी तरह तैयार हो जाएगा और ग्रामीण यहां भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना कर सकेंगे।


