
108 Ambulance Workers: सुबह ड्यूटी पर पहुंचे 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों के हाथ में कोई नारा या पोस्टर नहीं था, लेकिन उनके कपड़ों पर लगा काला बिल्ला सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर कर रहा था। लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर सोमवार से राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू हो गया।

पहले दिन कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर अपनी ड्यूटी जारी रखी और सरकार से जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने की अपील की।

आखिर किन मांगों को लेकर नाराज हैं कर्मचारी?
संघ की मुख्य मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक के पत्र के अनुसार जिला स्तर पर 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन सरकारी माध्यम से शुरू किया जाए। इसके अलावा सम्मान फाउंडेशन की ओर से हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लेने की मांग भी की गई है।
कर्मचारियों ने आईपीएफ/एएसआई ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन समेत सभी वैधानिक अधिकार दिए जाने की मांग उठाई है। संघ का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से बात रखी जा रही है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है।
पहले काला बिल्ला, फिर कैंडल मार्च
कर्मचारियों का यह विरोध सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। संघ के मुताबिक 14 से 19 सितंबर तक काला बिल्ला लगाकर विरोध जारी रहेगा।
इसके बाद 19 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालय से डीसी कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। 21 सितंबर को भिक्षाटन और 23 सितंबर को धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन का अगला बड़ा पड़ाव 25 सितंबर होगा, जब राज्यभर के 108 एम्बुलेंस कर्मचारी एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं।
28 सितंबर के बाद क्या होगा?
संघ ने साफ किया है कि अगर मांगों पर बात नहीं बनी तो आंदोलन और लंबा खिंच सकता है। 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है।
संघ ने सरकार से तत्काल पहल करने की मांग करते हुए कहा कि अगर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कर दिया जाता है, तो आंदोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी फिलहाल कर्मचारियों ने बातचीत और समाधान का रास्ता खुला रखा है, लेकिन मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध और तेज होने की चेतावनी भी दे दी है।
आंदोलन के दौरान कुणाल बनर्जी, विकास, सिकंदर महतो, अरविन्द यादव, भारत महतो, मुकेश कुमार, बसंत महतो, अनिल कुमार, शंकर कुमार, रोहित महतो, हेमंत कुमार, आनंद, मनोज और लोकेश समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।


