
Gumla: विभिन्न मांगों और जनहित के मुद्दों को लेकर झारखंड आंदोलनकारी नेताओं द्वारा बुधवार को बुलाए गए ‘झारखंड बंद’ का असर गुमला जिले में देखने को मिल रहा है। जिले के पालकोट प्रखंड समेत अन्य आसपास के इलाकों में बंद का व्यापक असर साफ दिखाई दे रहा है। सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही कम रही और स्थानीय स्तर पर दुकानें व प्रतिष्ठान प्रभावित हुए।

‘राज्य बनने के बाद भी वादे रहे अधूरे’
प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि अलग झारखंड राज्य के गठन के बाद जनता से कई बड़े वादे किए गए थे। लेकिन इतने साल बीत जाने के बाद भी वे सारे वादे और सपने अधूरे हैं। नेताओं ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में की गई घोषणाओं को भी अब तक धरातल पर लागू नहीं किया गया है। इसी वजह से झारखंड के हित, अधिकार और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को लेकर वे फिर से आंदोलन का रास्ता चुनने को मजबूर हुए हैं।

एक दिन पहले निकाला गया था मशाल जुलूस
आंदोलनकारियों ने जानकारी दी कि इस बंद को सफल बनाने के लिए एक शाम पहले ही विभिन्न क्षेत्रों में मशाल जुलूस निकाला गया था। मशाल जुलूस के जरिए आम लोगों को आंदोलन के उद्देश्यों, मांगों और सरकार की वादाखिलाफी की जानकारी दी गई थी।
शांतिपूर्ण सहयोग की अपील, सड़कों पर दिखे आंदोलनकारी
प्रदर्शनकारी नेताओं ने स्थानीय व्यापारियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम जनता से इस लड़ाई में साथ आने और शांतिपूर्ण तरीके से बंद को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। बंद के दौरान आंदोलनकारी जगह-जगह मौजूद रहकर शांतिपूर्वक अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते दिखे।


