
Jharkhand High Court : झारखंड HC ने 14वीं JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) की प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित धांधली और गड़बड़ी के मामले में नामजद आरोपी सुमन सौरव उर्फ सौरव सुमन को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका सिरे से खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी पर लगे आरोप बेहद संगीन हैं, ऐसे में जांच के दौरान उसके फरार होने और महत्वपूर्ण साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की प्रबल आशंका बनी हुई है। इसी आधार पर कोर्ट ने उसे राहत देने से साफ इनकार कर दिया।

साजिश, धोखाधड़ी और OMR शीट में खेल, सरकार ने कोर्ट में रखी दलील
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी पर अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचने, फर्जीवाड़ा करने, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जाली दस्तावेजों को असली बनाकर इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि जांच में अभ्यर्थी की कार्बन कॉपी और मूल OMR शीट के बीच सीधा और बड़ा अंतर पकड़ा गया है, जिससे परीक्षा प्रणाली में बड़े पैमाने पर हेरफेर की पुष्टि होती है।

AWS डेटा, बैंक खातों के लेन-देन और व्हाट्सऐप चैट से मिले पुख्ता सुराग
अभियोजन ने अदालत के समक्ष तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य पेश करते हुए दावा किया कि मामले से जुड़े AWS (अमेजन वेब सर्विसेज) डेटा, आरोपी के बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन और मोबाइल से बरामद व्हाट्सऐप चैट से परीक्षा प्रक्रिया में सीधी मिलीभगत और हेरफेर के पुख्ता संकेत मिले हैं। इन तमाम डिजिटल और दस्तावेजी सबूतों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी को किसी भी तरह की राहत देने से मना कर दिया।


