
Jharkhand High Court: रामगढ़ सदर थाना क्षेत्र स्थित एक अस्पताल भवन पर गोलीबारी के मामले में आरोपी संटू सिंह को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस राम शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने संटू सिंह को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया है।

18 फरवरी से जेल में था बंद
संटू सिंह इस मामले में बीते 18 फरवरी से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था। ट्रायल कोर्ट द्वारा बेल अर्जी खारिज किए जाने के बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।

सह-आरोपी के बयान और कट्टे की बरामदगी की दलील
अदालत में सुनवाई के दौरान संटू सिंह की ओर से अधिवक्ता आयुष कुमार वर्मा ने पैरवी की। उन्होंने अदालत के समक्ष दलील दी कि प्रार्थी को इस मामले में केवल सह-अभियुक्त अमन कुमार ठाकुर के कन्फेशनल स्टेटमेंट (स्वीकारोक्ति बयान) के आधार पर आरोपी बनाया गया है। सह-अभियुक्त की निशानदेही पर एक देसी कट्टा भी बरामद किया गया था।
समानता के आधार पर जमानत मंजूर
बचाव पक्ष ने अदालत को अवगत कराया कि आरोपी आठ महीने से अधिक समय से जेल में बंद है और इसी केस के एक अन्य आरोपी करण कुमार उरांव को हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। राज्य सरकार की ओर से पेश अपर लोक अभियोजक ने जमानत का कड़ा विरोध किया। हालांकि, खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस के तथ्यों पर गौर करने के बाद संटू सिंह की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।


