
Jharkhand High Court : झारखंड हाईकोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के सीनियर ब्रांच मैनेजर रहे राज कुमार को एक बड़ी और राहत भरी खबर दी है। अदालत ने उन्हें सेवा से हटाने के बैंक प्रबंधन के पुराने फैसले को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने अधिकारी की बर्खास्तगी की अत्यधिक कठोर सजा को बदलते हुए केवल दो वार्षिक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने का संशोधित आदेश जारी किया है। इसके साथ ही अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया प्रबंधन को निर्देश दिया है कि अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सेवा में बहाल किया जाए और उन्हें संशोधित दंड के अनुसार सभी परिणामी लाभ दिए जाएं।

बिना गवाह और सबूत के जांच पूरी करने पर अदालत की नाराजगी
हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए बैंक की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। अदालत ने पाया कि विभागीय जांच के दौरान अधिकारी के एक पत्र को ही उनका बिना शर्त अपराध स्वीकारना मान लिया गया था, जबकि उसी पत्र में अधिकारी ने अपने ऊपर लगे मुख्य आरोपों, निजी लाभ कमाने की बात और किसी भी गलत मंशा से साफ इनकार किया था। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून के मुताबिक किसी भी आरोप की स्वीकारोक्ति पूरी तरह से स्पष्ट, विशिष्ट और बिना शर्त होनी चाहिए। किसी पत्र के आधे-अधूरे हिस्से के आधार पर बिना गवाहों के बयान और बिना जिरह का मौका दिए कार्रवाई समाप्त कर देना पूरी तरह से गैर-कानूनी है।

बोकारो सेंट जेवियर्स स्कूल शाखा में तैनाती के दौरान लगे थे आरोप
मामला मई 2009 में बैंक ऑफ इंडिया में प्रोविजनल ऑफिसर के रूप में बहाल हुए राज कुमार से जुड़ा है। वे जून 2017 से अगस्त 2020 तक बोकारो स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल शाखा में सीनियर ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। बैंक प्रबंधन ने अप्रैल 2024 में उन पर नियमों का उल्लंघन कर लोन बांटने, लोन खातों की सही निगरानी न करने और पत्नी से जुड़े प्रोजेक्ट में हाउसिंग लोन स्वीकृत कर अनुचित लाभ पहुंचाने जैसे पांच गंभीर आरोप लगाते हुए आरोप पत्र दिया था। इसके बाद अक्टूबर 2024 में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था और जनवरी 2025 में उनकी अपील भी खारिज कर दी गई थी।
8 सप्ताह के भीतर नौकरी पर बहाल करने का कड़ा निर्देश
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि किसी भी कर्मचारी को सेवा से हटाना उपलब्ध दंडों में से सबसे कठोर दंड है और वर्तमान मामले की परिस्थितियों को देखते हुए यह सजा अत्यधिक कठोर और असंगत थी। इसी आधार पर अदालत ने 4 अक्टूबर 2024 के बर्खास्तगी आदेश और 20 जनवरी 2025 के अपीलीय आदेश को खारिज कर दिया। अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया प्रबंधन को आदेश की प्रति प्राप्त होने के 8 हफ्तों के भीतर पूरी प्रक्रिया संपन्न कर राज कुमार को पुनः सेवा में बहाल करने का सख्त निर्देश जारी किया है।


