
Jharkhand; झारखंड सरकार की प्रस्तावित ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ को लेकर गुरुवार को नेपाल हाउस स्थित सभागार में कृषि विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि यह योजना राज्य की महिला किसानों के लिए कृषि विभाग की फ्लैगशिप योजना बनने जा रही है।

विभिन्न संस्थाओं, कृषि विशेषज्ञों और खुद महिला किसानों से प्राप्त सुझावों के आधार पर समेकित खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) को केंद्र में रखकर इसका प्रारूप अंतिम रूप से तैयार किया जा रहा है। विभागीय स्तर पर तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होते ही इसे स्वीकृति के लिए राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) के समक्ष पेश किया जाएगा।

1 एकड़ भूमि पर विकसित होगा समेकित कृषि मॉडल
बैठक में योजना की रूपरेखा, लाभार्थियों के चयन के मापदंड, सरकारी सहायता और लाभुक अंशदान पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत फिलहाल 1 एकड़ भूमि पर समेकित कृषि प्रणाली (आईएफएस) विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। भौगोलिक और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस मॉडल में बकरी, सूकर, बत्तख और गाय पालन के साथ-साथ मछली पालन एवं बागवानी को एक साथ जोड़ा जाएगा, ताकि महिला किसानों को पूरे साल आय के निरंतर स्रोत उपलब्ध हो सकें।
पहले चरण में व्यक्तिगत लाभुकों को मिलेगा लाभ
योजना के क्रियान्वयन को लेकर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि पहले चरण में व्यक्तिगत महिला किसानों को लाभार्थी बनाया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग तीन से चार अलग-अलग आईएफएस मॉडल तैयार कर रहा है। इसके साथ ही योजना में महिला किसानों का अंशदान सीमित रखने और परियोजना के सफल संचालन पर उस अंशदान को वापस लौटाने के प्रावधान पर भी विचार किया जा रहा है। बैठक में विभागीय सचिव, विशेष सचिव, कृषि निदेशक सहित विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


