
JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) नियुक्ति गड़बड़ी मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद जेपीएससी की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता को अदालत से तगड़ा झटका लगा है। रांची की विशेष अदालत ने उनकी ओर से दाखिल नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद 11 सितंबर को मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे मंगलवार को सुनाते हुए अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया।

22 जुलाई से जेल में बंद हैं श्वेता गुप्ता
जेपीएससी नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता और गड़बड़ी के गंभीर आरोपों के तहत जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही श्वेता कुमारी गुप्ता 22 जुलाई से लगातार जेल में बंद हैं। न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से 3 अगस्त को अदालत में जमानत की गुहार लगाते हुए याचिका दाखिल की थी। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और जांच के प्रभावित होने का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया था, जिसके आधार पर अदालत ने अर्जी नामंजूर कर दी।

पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते और माफिया अभय तिवारी की बेल भी हो चुकी है खारिज
उल्लेखनीय है कि चर्चित जेपीएससी नियुक्ति धांधली मामले में अदालत का रुख शुरू से ही बेहद सख्त रहा है। इस प्रकरण में पूर्व में भी कई प्रमुख आरोपियों को अदालत से झटका लग चुका है। मामले में जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते, परीक्षा माफिया अभय कुमार तिवारी और उमेश कुमार की जमानत याचिकाएं भी सक्षम अदालतों द्वारा पहले ही खारिज की जा चुकी हैं। पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक की जमानत याचिका खारिज होने से मामले में शामिल अन्य आरोपियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।


