
Ranchi: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार का मुद्दा अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। JSSC और JSSC परीक्षाओं में निष्पक्षता और CBI जांच की मांग को लेकर JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मंच ने शीर्ष अदालत में दो अलग-अलग इंटरवेंशन एप्लिकेशन यानी IA दाखिल की हैं, ताकि लाखों परेशान और आंदोलनरत छात्रों का पक्ष मजबूती से अदालत के सामने रखा जा सके।

CBI जांच के लिए रिफॉर्म मंच ने ठोकी अर्जी
रिफॉर्म मंच ने अपनी याचिकाओं के जरिए सुप्रीम कोर्ट से JPSC और JSSC की ओर से आयोजित तमाम विवादित प्रतियोगी परीक्षाओं की उच्च स्तरीय CBI जांच कराने की गुहार लगाई है। मंच का साफ कहना है कि राज्य स्तर पर हो रही जांच से सच सामने नहीं आ पा रहा है और बड़े चेहरों को बचाने की कोशिशें हो रही हैं। ऐसे में सिर्फ एक निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसी ही इस पूरे खेल की तह तक पहुंच सकती है और मेहनती अभ्यर्थियों को न्याय दिला सकती है।

ब्रिक्स सम्मेलन के चलते 16 सितंबर तक टली सुनवाई
यह पूरा मामला हरिशरण देवगन बनाम झारखंड राज्य केस से जुड़ा हुआ है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस महत्वपूर्ण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 11 सितंबर को सुनवाई होनी थी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन के चलते शीर्ष अदालत में इस दिन की सुनवाई टल गई है। अब सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस बेहद संवेदनशील और चर्चित मामले पर 16 सितंबर को अगली सुनवाई करेगी, जिस पर पूरे राज्य के युवाओं की नजरें टिकी हुई हैं।
लाखों छात्रों के भविष्य और साख की लड़ाई
मंच के प्रतिनिधियों ने अपनी कानूनी तैयारी को लेकर दो टूक कहा कि अदालत में दाखिल की गई आईए के जरिए वे छात्रों के दर्द, उनके संघर्ष और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की भारी कमी को सीधे जजों के सामने रखेंगे। मंच ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यह कानूनी लड़ाई सिर्फ किसी एक परीक्षा या एक भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह झारखंड के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य, उनके सपनों और पूरे राज्य की प्रतियोगी व्यवस्था को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने की निर्णायक जंग है।


