
JSSC Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में हुई कथित अनियमितता और धांधली मामले में जेल में बंद आरोपी उमेश कुमार राय को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। राजधानी रांची स्थित सीआईडी (CID) की विशेष अदालत ने आरोपी की नियमित जमानत याचिका पर अपना अहम फैसला सुनाते हुए उसे सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और सीआईडी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने से साफ इनकार कर दिया।

केस डायरी पर तीखी बहस के बाद सुरक्षित रखा गया था फैसला
इससे पूर्व मामले की सुनवाई के दौरान सीआईडी की ओर से अदालत के समक्ष अद्यतन केस डायरी और पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किए गए थे। अभियोजन पक्ष (सीआईडी) ने कड़ा विरोध जताते हुए दलील दी थी कि आरोपी परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं के सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है और इस स्तर पर उसे जमानत दिए जाने से जारी तफ्तीश प्रभावित हो सकती है। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपनी ओर से जमानत के पक्ष में दलीलें रखीं। दोनों पक्षों की विस्तृत बहस और कानूनी बिंदुओं को सुनने के बाद विशेष अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।

28 अगस्त को हुआ था गिरफ्तार, कांड संख्या 1/2025 में शिकंजा
उमेश कुमार राय को सीआईडी की विशेष जांच टीम ने 28 अगस्त को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश कर उसे न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया था, जहां वह लगातार बंद है। उल्लेखनीय है कि JSSC-CGL परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और गड़बड़ी को लेकर सीआईडी ने कांड संख्या 1/2025 दर्ज कर अपनी जांच का दायरा बढ़ाया था। इसी कड़ी में जांच एजेंसी ने पूरे गिरोह के कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी, उसकी पत्नी और उसके भाई—तीनों मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच एजेंसी लगातार इस धांधली से जुड़े अन्य मददगारों और लाभार्थियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।


