
कैमूर: बिहार के कैमूर में स्कॉर्पियो के अंदर बंद कर पेट्रोल छिड़ककर जलाए गए आर्मी जवान शत्रुघ्न यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। बुधवार देर रात लखनऊ स्थित आर्मी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। जवान की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव सहुका पहुंची, परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

शत्रुघ्न यादव रामगढ़ थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-1 स्थित सहुका गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि 9 सितंबर की अहले सुबह जमीन रजिस्ट्री के पैसे के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद उन्हें स्कॉर्पियो में बंद कर दिया गया और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। घटना में जवान 80 फीसदी से अधिक झुलस गए थे।

वाराणसी से लखनऊ ले जाया गया था जवान
घटना के बाद परिजन गंभीर रूप से झुलसे शत्रुघ्न यादव को इलाज के लिए वाराणसी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे थे। बाद में सेना के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ स्थित मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने करीब आठ दिनों तक जवान को बचाने की कोशिश की, लेकिन बुधवार देर रात उनकी मौत हो गई।
गंभीर रूप से झुलसे होने के बावजूद शत्रुघ्न यादव ने वाराणसी में अपना फर्द बयान दर्ज कराया था। इसी बयान के आधार पर रामगढ़ थाने में चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक अभी फरार
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है।
जवान की मौत की खबर मिलते ही सहुका गांव से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष तिरंगा लेकर करीब पांच किलोमीटर दूर रामगढ़ थाना पहुंचे। आक्रोशित लोगों ने थाना परिसर का घेराव किया और नारेबाजी की।
ग्रामीणों की मांग थी कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। परिजनों ने आरोप लगाया कि कथित मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी में पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
NH-319A पर बैठ गए प्रदर्शनकारी
थाने पर प्रदर्शन के बाद भी जब ग्रामीणों को तत्काल ठोस आश्वासन नहीं मिला तो प्रदर्शनकारी रामगढ़ के दुर्गा चौक पहुंच गए। यहां उन्होंने NH-319A को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मामले में न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और थानाध्यक्ष के साथ मोहनिया, नुआंव, रामगढ़ समेत आसपास के थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया।
SIT जांच और स्पीडी ट्रायल का आश्वासन
अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने मामले में SIT गठित करने और स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की कार्रवाई का भरोसा दिया है।
इस मामले में पहले हिरासत में लिए गए तीन आरोपियों को पुलिस ने पीआर बॉन्ड पर छोड़ा था। इसके बाद जवान की पत्नी बिंदु कुमारी सिंह ने रामगढ़ थानाध्यक्ष सुमित कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।
इसके बाद जवान की पत्नी करीब 70 ग्रामीणों के साथ भभुआ पहुंचीं और डीआईजी हरप्रीत कौर तथा एसपी शिखर चौधरी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने करीब पांच घंटे के भीतर वीरेंद्र यादव, दिलीप यादव और ब्रजेश यादव को दोबारा गिरफ्तार कर लिया था।
मौत के बाद हत्या की धारा जोड़ने की बात
जवान की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़े जाने की बात सामने आई है। पुलिस की आगे की कार्रवाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी। वहीं, शत्रुघ्न यादव का पार्थिव शरीर लखनऊ से उनके पैतृक गांव सहुका लाने की तैयारी की जा रही है। परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, जवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की तैयारी है।
शत्रुघ्न यादव की मौत के बाद सहुका समेत पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। अब परिजनों और ग्रामीणों की नजर फरार आरोपी की गिरफ्तारी और मामले में आगे होने वाली पुलिस कार्रवाई पर है।


