
छपरा: बिहार के सारण जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहुंचे खान सर का एक अलग अंदाज देखने को मिला। इस बार वह सिर्फ राहत सामग्री बांटते ही नहीं, बल्कि बाढ़ पीड़ितों के लिए खुद खाना बनाते भी नजर आए। छपरा के पुरुषोत्तमपुर में उन्होंने रसोई में पूरी बेली, सब्जी बनाने में हाथ बंटाया और हलवाइयों के साथ भोजन तैयार करने की व्यवस्था संभाली।

इस दौरान खान सर का मजाकिया अंदाज भी देखने को मिला। पूरी बेलते हुए उन्होंने कहा, “पहली बार पूरी बेल रहे हैं हम। टेढ़ी-मेढ़ी होगी, तो खा लीजिएगा।” उनका यह अंदाज राहत अभियान के बीच लोगों का ध्यान खींच रहा है।

खुद बेली पूरी, बुजुर्ग महिला को परोसा खाना
पुरुषोत्तमपुर में राहत रसोई के दौरान खान सर ने भोजन तैयार करने में खुद हिस्सा लिया। वह पूरी बेलने और सब्जी बनाने के साथ रसोई में मौजूद हलवाइयों के साथ व्यवस्थाओं को संभालते नजर आए। इस दौरान उन्होंने एक बुजुर्ग महिला को अपने हाथों से खाना भी परोसा।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था में उनकी भागीदारी चर्चा में है। राहत सामग्री बांटने के साथ रसोई में उतरकर खाना तैयार करने की उनकी पहल ने लोगों का ध्यान खींचा है।
15 हजार से अधिक लोगों के लिए भोजन और राशन की व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, पटना जाने के बाद खान सर दोबारा पुरुषोत्तमपुर लौटे और राहत कार्य में जुट गए। पुरुषोत्तमपुर, मकेर और आसपास के इलाकों में 15 हजार से अधिक लोगों के लिए भोजन और सूखे राशन की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई है।
राहत सामग्री में आटा, चावल, दाल और आलू जैसी जरूरी खाद्य सामग्री के साथ गैस सिलेंडर भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाना है।
सारण में बाढ़ प्रभावितों तक पहुंचाई जा रही मदद
सारण जिले के कई इलाकों में बाढ़ के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे में प्रभावित परिवारों तक पका हुआ भोजन, सूखा राशन और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाना राहत अभियान का अहम हिस्सा है।
खान सर की राहत रसोई में भागीदारी इसी अभियान का हिस्सा है। हालांकि, राहत सामग्री की वास्तविक पहुंच और लाभार्थियों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।


