
Ramgarh: रामगढ़ जिले के चैनपुर स्थित एनार साइडिंग में जमीन मालिकों और रैयतों ने भारी विरोध दर्ज कराया है। निजी जमीन मालिकों ने साइडिंग की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते को काटकर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया है। रास्ता बंद कर दिए जाने से कोयला ढुलाई में लगे हाइवा वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप्प हो गई है और मौके पर भारी वाहनों की लंबी लाइन लग गई है।

मुआवजा नहीं मिलने से नाराज हैं जमीन मालिक
विरोध कर रहे जमीन मालिकों का कहना है कि जिस रास्ते से होकर एनार साइडिंग की ओर गाड़ियां जाती हैं, वह उनकी रैयती और निजी जमीन है। उन्होंने बताया कि पूर्व में साइडिंग के संचालन से जुड़े लोगों के साथ जमीन के बदले मुआवजा देने को लेकर बातचीत हुई थी और राशि देने का आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि लंबा समय बीत जाने के बावजूद अभी तक उन्हें मुआवजे की रकम का भुगतान नहीं किया गया है।

समाधान तक रास्ता न खोलने पर अड़े ग्रामीण
जमीन मालिकों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक प्रबंधन और संचालक वार्ता कर मुआवजे का स्थाई समाधान नहीं निकालते, तब तक रास्ते को दोबारा नहीं खोलने दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध होने से साइडिंग में कोयला परिवहन ठप्प पड़ गया है और हाइवा वाहनों के खड़े रहने से इलाके में जाम की स्थिति पैदा हो गई है।
निजी स्तर पर संचालित होता है एनार साइडिंग
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार एनार साइडिंग का संचालन निजी स्तर पर किया जाता है। ग्रामीणों के इस कड़े रुख के बाद अब साइडिंग प्रबंधन और प्रशासन पर मामले को सुलझाने का दबाव बढ़ गया है।


