
Ranchi: देशभर की पुलिस व्यवस्था और पुलिस महानिदेशक यानी DGP की नियुक्ति से जुड़े नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही कानूनी लड़ाई अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। इस बहुचर्चित मामले पर कल यानी 22 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की विशेष पीठ इस पर सुनवाई करेगी।

झारखंड से जुड़ा है यह पूरा मामला
इस कानूनी मुकाबले की जड़ें सीधे झारखंड राज्य से जुड़ी हैं। दरअसल राज्य सरकार ने DGP की नियुक्ति को लेकर जो नियमावली तैयार की थी, उसकी वैधता को वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक बाबूलाल मरांडी ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। बाद में इस अहम याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अपने प्रशासनिक आदेश के तहत हाईकोर्ट से अपने पास ट्रांसफर कर लिया था।

न्याय मित्र ने सौंपी अपनी रिपोर्ट, बढ़ी हलचल
इस संवेदनशील मामले में अदालत के निर्देश पर नियुक्त न्याय मित्र यानी एमिकस क्यूरी ने अपनी विस्तृत राय सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक न्याय मित्र ने राज्य सरकार की नियुक्ति नियमावली में मौजूद दो अहम धाराओं को सुप्रीम कोर्ट के पहले के दिशा-निर्देशों और तय मानकों के विपरीत बताया है। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई।


