
Dhanabd: धनबाद पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करने और सरकारी काम में बाधा डालने के चर्चित मामले में JLKM के अध्यक्ष एवं डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके सहयोगियों को धनबाद सिविल कोर्ट के MP-MLA कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। अदालत ने विधायक जयराम महतो के साथ-साथ उनके तीन सहयोगियों सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर करते हुए उन्हें राहत प्रदान की है। हालांकि कोर्ट ने जमानत के साथ कई सख्त शर्तें भी जोड़ी हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा।

अदालत ने रखीं कड़ी शर्तें, एक गलती पर रद्द होगी जमानत
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ताओं ने जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन किया, तो उन्हें दी गई यह राहत तुरंत समाप्त कर दी जाएगी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सभी आरोपियों को इस मामले के सूचक, जांच अधिकारी या उनके परिवार के सदस्यों को किसी भी तरह से परेशान या धमकाने से पूरी तरह मना किया गया है। इसके अलावा, जमानत के लिए दो बेलर (जामीनदार) तय किए गए हैं, जिसमें पहला बेलर याचिकाकर्ताओं का वर्तमान पैरवीकार होगा और दूसरा बेलर उनका कोई करीबी रिश्तेदार ही होना अनिवार्य है।

हर तारीख पर रहना होगा व्यक्तिगत रूप से हाजिर
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया है कि जब तक मुकदमे में आरोप तय (चार्ज फ्रेम) होने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी याचिकाकर्ताओं को निचली अदालत में हर तारीख पर खुद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। यदि कोई भी आरोपी बिना किसी ठोस वजह के एक भी तारीख पर गैर-हाजिर रहता है, तो उसका जमानत बॉन्ड तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सभी आरोपियों को अदालत के सामने अपनी पहचान का वैध प्रमाण पत्र और अपना चालू मोबाइल नंबर भी जमा कराना होगा।
बिना अनुमति मोबाइल नंबर बदलने पर रोक
नियमों को और कड़ा करते हुए अदालत ने कहा है कि आरोपी बिना कोर्ट की पूर्व अनुमति के अपना वह चालू मोबाइल नंबर बदल नहीं सकेंगे। साथ ही, सभी याचिकाकर्ताओं को निचली अदालत में चल रही पूरी न्यायिक प्रक्रिया और जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि धनबाद पुलिस ने बरवाअड्डा थाने में 22 अगस्त 2026 को विधायक जयराम महतो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस का आरोप था कि विधायक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को धमकाया था और इसके बाद देर रात अपने करीब 50 समर्थकों के साथ थाने के भीतर घुसकर जमकर हंगामा किया था। इसी मामले में कानूनी शिकंजा कसने के बाद अब कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है।


