
Md.Kamran/Digital Desk: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से पारा शिक्षकों की बहाली के लिए जारी विज्ञापन (संख्या 4/2026) को लेकर झारखंड HC से बड़ी खबर सामने आई है। भर्ती विज्ञापन में JTET, CTET या पड़ोसी राज्यों से TET पास करने की अनिवार्य शर्त को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अभ्यर्थियों को कोई राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए इस याचिका को निष्पादित (डिस्पोज) कर दिया है।

विज्ञापन की शर्तों को दी गई थी चुनौती
विज्ञापन की शर्तों में बदलाव और ढील देने की मांग को लेकर ऋषिकांत तिवारी और अन्य 24 अभ्यर्थियों ने HC का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि पात्रता की इन शर्तों की वजह से कई कैंडिडेट्स इस भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं, इसलिए नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए।


JSSC की दलील, SC की गाइडलाइंस का हो रहा पालन
मामले की सुनवाई HC के न्यायाधीश जस्टिस दीपक रौशन की सिंगल बेंच में हुई। JSSC की ओर से अधिवक्ता संजोय पिपरवाल और कुमार प्रिंस ने कोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने मजबूती से दलील दी कि राज्य में पारा शिक्षकों की नियुक्ति पूरी तरह से SC (सुप्रीम कोर्ट) के दिशा-निर्देशों और तय गाइडलाइंस के अनुरूप ही की जा रही है, इसमें किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ है। आयोग के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की मांग को खारिज करते हुए केस को निष्पादित कर दिया।
कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों की हो रही बहाली
बता दें कि इस विज्ञापन के जरिए राज्य के सरकारी स्कूलों में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती चल रही है। इसके तहत कक्षा 1 से 5 तक के लिए प्राइमरी ट्रेंड टीचर और कक्षा 6 से 8 तक के लिए ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर के पदों पर योग्य कैंडिडेट्स का चयन किया जा रहा है। HC के इस फैसले के बाद अब भर्ती प्रक्रिया बिना किसी कानूनी अड़चन के आगे बढ़ेगी।


