
Ranchi: झारखंड में लंबे समय से पुलिस बहाली का इंतज़ार कर रहे सैकड़ों युवाओं के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत से बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार को साफ निर्देश दिया है कि 437 पेंडिंग अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। अदालत ने सरकार को सख्त लहजे में 4 हफ्तों के भीतर सभी सफल अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर यानी नियुक्ति पत्र थमाने का हुक्म सुनाया है। ‘जीतेंद्र शर्मा बनाम राज्य सरकार’ के इस चर्चित मामले में आए इस फैसले से सालों से नौकरी की राह तक रहे युवाओं के चेहरों पर खुशी लौट आई है।

मेडिकल टेस्ट हो चुका है पूरा, अब बस कागज़ात की जांच
अदालत में सुनवाई के दौरान जजों को जानकारी दी गई कि 3 जून 2026 को दिए गए पुराने निर्देशों के मुताबिक सभी 437 उम्मीदवारों की मेडिकल जांच पहले ही कराई जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने नए आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि इन सभी अभ्यर्थियों को स्वास्थ्य परीक्षण में पूरी तरह फिट माना जाए। इसके साथ ही अदालत ने संबंधित युवाओं को हिदायत दी है कि वे तय समय के अंदर अपने असली कागज़ातों की जांच यानी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हर हाल में पूरा करवा लें।

महीने भर में हाथ में होगा जॉइनिंग लेटर
अदालत के कड़े रुख से साफ हो गया है कि अब सरकार और पुलिस महकमे को तय समय सीमा के भीतर ही सारे काम निपटाने होंगे। कागज़ातों की जांच की औपचारिकता पूरी होते ही बहाली देने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के दिए गए 4 हफ्तों की डेडलाइन के बाद अब यह पक्का माना जा रहा है कि सालों से पुलिस की नौकरी का सपना संजोए इन 437 अभ्यर्थियों को बहुत जल्द खाकी पहनने का मौका मिल जाएगा।


