
Meruth Saurabh Murder Case: मेरठ में पिछले साल हुए सौरभ हत्याकांड की फाइल अब अपने आखिरी पन्नों पर पहुंच गई है। जिला जज कोर्ट में इस हाई-प्रोफाइल केस की सुनवाई अंतिम दौर में चल रही है और बहुत जल्द इस पर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। जैसे-जैसे सुनवाई आगे बढ़ रही है, वकीलों की नई-नई दलीलों से इस मामले में रोज नए पेंच देखने को मिल रहे हैं।

बचाव पक्ष की दलील, ‘ना कोई चश्मदीद और ना किसी ने आते-जाते देखा’
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने एक बहुत बड़ा दांव चल दिया है। उनका कहना है कि इस पूरी वारदात को किसी ने भी अपनी आंखों से नहीं देखा है, यानी इस केस में कोई भी चश्मदीद गवाह मौजूद नहीं है। वकीलों ने तर्क दिया कि वारदात की रात साहिल शुक्ला को किसी ने भी सौरभ और मुस्कान के घर जाते हुए नहीं देखा, इसलिए यह पूरी तरह साबित नहीं होता कि हत्या साहिल और मुस्कान ने ही की है। इसके पक्ष में वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पुराने फैसलों के हवाले भी कोर्ट में रखे हैं। अब इस पर बुधवार को अभियोजन पक्ष यानी सरकारी वकीलों की तरफ से इन दलीलों का जवाब दिया जाएगा।

नीले ड्रम में छिपाया था शव, ऐसे खुला था खौफनाक राज़
आपको याद होगा कि इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। लंदन में काम करने वाला 29 साल का सौरभ हत्या से ठीक एक महीने पहले ही अपने वतन मेरठ वापस लौटा था। आरोप है कि उसकी पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर इस बेरहम कत्ल को अंजाम दिया था। हत्या के बाद दोनों ने मिलकर सौरभ के शव को एक नीले ड्रम में ठूंसकर भर दिया था और उसके ऊपर सीमेंट जमा दिया था ताकि किसी को भनक तक न लगे। बाद में पुलिस ने कटर से उस ड्रम को काटकर सौरभ की लाश बाहर निकाली थी, जिसे देखकर देखने वालों के भी रोंगटे खड़े हो गए थे।
स्कूल के दिनों का प्यार और लंदन की दूरी से शुरू हुई बर्बादी की कहानी
इस खौफनाक प्रेम प्रसंग और कत्ल की कहानी भी काफी हैरान करने वाली है। ब्रह्मपुरी में रहने वाले सौरभ ने साल 2016 में घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर मुस्कान रस्तोगी से लव मैरिज की थी। साल 2019 में दोनों के घर एक बेटी ने भी जन्म लिया। तंगी और आर्थिक तंगहाली के चलते सौरभ की अपने माता-पिता से अनबन हो गई, जिसके बाद वह मुस्कान के साथ अलग कमरे में रहने लगा था। इसके बाद जब सौरभ रोजी-रोटी के लिए लंदन चला गया, तो पीछे से मुस्कान और साहिल के बीच नजदीकियां काफी बढ़ गईं। हैरानी की बात यह है कि साहिल और मुस्कान बचपन में कक्षा आठ तक एक साथ ही पढ़े थे, जो आगे चलकर इस खौफनाक जुर्म की वजह बन गए।


