
Ranchi: कहीं मिमिक्री और नाटक के जरिए छात्रों ने अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाई तो कहीं रंगोली, पेंटिंग और पोस्टर बनाकर अपनी कल्पनाओं को रंगों में उतारा। मंगलवार को रांची के मारवाड़ी कॉलेज में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां दो दिवसीय युवा महोत्सव ‘इन्द्रधनुष–2026’ का आगाज हुआ। पहले दिन कॉलेज के अलग-अलग सभागारों और परिसरों में साहित्य, कला और अभिनय से जुड़ी कई प्रतियोगिताएं हुईं, जिनमें छात्र-छात्राओं को अपना हुनर दिखाने का मौका मिला। महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि पढ़ाई का मतलब सिर्फ किताबों का ज्ञान हासिल करना नहीं है, बल्कि छात्रों की छिपी प्रतिभा को सामने लाना और उनके व्यक्तित्व को निखारना भी उतना ही जरूरी है।

मारवाड़ी कॉलेज की सांस्कृतिक समिति की ओर से 13 और 14 अक्टूबर को आयोजित इस महोत्सव के उद्घाटन सत्र में प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने छात्रों को अलग-अलग प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह इन्द्रधनुष में सात अलग-अलग रंग होते हैं, उसी तरह हर छात्र में कोई न कोई खास प्रतिभा छिपी होती है, जिसे पहचानने और आगे बढ़ाने के लिए सही मंच मिलना जरूरी है। ऐसे आयोजनों से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे पढ़ाई के साथ नेतृत्व, अनुशासन तथा मिलकर काम करने की कला भी सीखते हैं।

इस मौके पर सांस्कृतिक समिति की समन्वयक डॉ. सुनीति नायक ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘इन्द्रधनुष–2026’ सिर्फ प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं, बल्कि छात्रों की अलग-अलग प्रतिभाओं, विचारों और संस्कृतियों को एक मंच पर लाने का प्रयास है।
क्विज से लेकर मिमिक्री तक, छात्रों ने दिखाया अपना हुनर

महोत्सव के पहले दिन साहित्यिक प्रतियोगिताओं में क्विज, वाद-विवाद और भाषण का आयोजन हुआ, जहां छात्रों ने सवालों के जवाब देने के साथ विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी। क्विज प्रतियोगिता का संयोजन डॉ. शुभंकर आइच ने किया, जबकि जेसी बोस सभागार में वाद-विवाद प्रतियोगिता की जिम्मेदारी डॉ. शाहीन परवीन और भाषण प्रतियोगिता का संयोजन डॉ. शशिशेखर दास ने संभाला।
वहीं, स्वामी विवेकानंद सभागार में मूक अभिनय, लघु नाटिका, मिमिक्री और एकांकी नाटक की प्रतियोगिताएं हुईं, जिनका संयोजन डॉ. रीना माथुरी और डॉ. राजीव रंजन शर्मा ने किया। इसके अलावा स्पॉट फोटोग्राफी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें छात्रों को अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिला।
ललित कला की प्रतियोगिताओं में भी छात्रों ने हिस्सा लिया। डॉ. प्राची प्रसाद के संयोजन में पोस्टर निर्माण, ऑन द स्पॉट पेंटिंग, कोलाज और कार्टूनिंग की प्रतियोगिताएं हुईं, जबकि MBA भवन परिसर में डॉ. नूपुर सिन्हा की देखरेख में रंगोली, मेहंदी और क्ले मॉडलिंग का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के संचालन और मूल्यांकन के लिए कॉलेज के विभिन्न विभागों के शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
बुधवार को नृत्य और संगीत की धूम, दोपहर 3 बजे होगा पुरस्कार वितरण

दो दिवसीय युवा महोत्सव के दूसरे दिन यानी बुधवार, 14 अक्टूबर को लोक एवं जनजातीय नृत्य, भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत से जुड़ी प्रतियोगिताएं होंगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे से स्वामी विवेकानंद सभागार में समापन और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां अलग-अलग प्रतियोगिताओं में विजेता बने छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा।

महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर कॉलेज के DSW डॉ. तरुण चक्रवर्ती, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. तमन्ना सिंह, डॉ. आशा टोप्पो, डॉ. अनुजा विवेक, डॉ. संतोष रजवार, डॉ. रोनाल्ड पंकज खलखो, डॉ. घनश्याम प्रसाद, डॉ. शिवनंदन राम, डॉ. राजकिशोर राम, लेफ्टिनेंट डॉ. अवध बिहारी महतो, डॉ. शाहीन रजिया, डॉ. राजीव रजक, डॉ. सीमा चौधरी, डॉ. अशोक कुमार महतो, डॉ. खातिर हेमरोम, डॉ. राहुल कुमार, डॉ. जयप्रकाश रजक, डॉ. विष्णुपद महतो, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुमंती तिर्की, डॉ. संगीता तिग्गा, डॉ. जहांगीर आलम, प्रो. मोहम्मद अब्दुल्ला, डॉ. पिंकी राज साहू, प्रो. विशाल, डॉ. अमन कुमार पांडेय, प्रो. मोहम्मद तौशीफ अली अहसन, डॉ. अंजना, डॉ. जीतू लाल, डॉ. राजश्री माहेश्वरी, डॉ. अनुभूति श्रीवास्तव, डॉ. आभा कुमारी, डॉ. नीरा वर्मा, डॉ. रीता कुमारी, डॉ. अरविंद आनंद, डॉ. रोशनी लोहिया, डॉ. कृष्णकांत, डॉ. राजू मांझी, डॉ. कुणाल, डॉ. डेजी सिन्हा, प्रो. सीमा कुमारी, डॉ. किरण कुमारी और प्रो. माधुरी कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


