
Giridih: गिरिडीह में दुर्गा पूजा के उल्लास और भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाए रखने और जाम से निजात दिलाने के लिए गिरिडीह सदर SDM धीरेंद्र प्रसाद की अगुवाई में बड़ा फैसला लिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग में शहर के 13 प्रमुख रास्तों पर वन-वे व्यवस्था लागू कर दी गई है, जबकि भीड़भाड़ वाले मुख्य हिस्सों में गाड़ियों की एंट्री पर पूरी तरह रोक (No-Entry) लगा दी गई है। बैठक में SDPO जितवाहन और DSP नीरज सिंह समेत कई सीनियर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



7 जगह बने अस्थायी पार्किंग जोन
शहर में पंडाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 7 प्रमुख स्थानों पर टेम्परेरी पार्किंग एरिया बनाए गए हैं। इनमें बस पड़ाव का ऑटो स्टैंड, अंटा बंगला, उत्पाद विभाग का मैदान, कोलड़ीहा का पुराना बस स्टैंड, सर्कस मैदान और पुराना जेल परिसर शामिल हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि लोग अपनी गाड़ियां तय पार्किंग में ही लगाएं, ताकि मुख्य सड़कों पर किसी तरह का जाम न लगे।

जानें कौन से रास्ते रहेंगे वन-वे और कहां रहेगी नो-एंट्री
1. No-entry zones : गांधी चौक से तिरंगा चौक तक सभी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बैन रहेगा। इसके अलावा भाभनटोली में स्टेशन रोड की तरफ और बस पड़ाव से पदम चौक की तरफ नो-एंट्री लागू की गई है। बजरंग चौक से मकतपुर चौक की ओर भी गाड़ियों के जाने पर रोक रहेगी।
2. One-way routes : बजरंग चौक से BBC रोड की ओर वन-वे सिस्टम बनाया गया है। वहीं मकतपुर चौक से काली बाड़ी चौक तक भी ट्रैफिक सिर्फ एक तरफ से चलेगा।
3. Barricading : सुरक्षा के लिहाज से वीर कुंवर सिंह चौक से थोड़ी दूरी पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है, ताकि भीड़ को आसानी से रेगुलेट किया जा सके।
CCTV और फायर सेफ्टी अनिवार्य, वालंटियर्स रहेंगे एक्टिव
सदर SDM धीरेंद्र प्रसाद ने सभी पूजा समितियों को सुरक्षा के सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने हर पूजा पंडाल में हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाने और फायर सेफ्टी के लिए अग्निशमन उपकरण (फायर एक्सटिंग्विशर व पानी की व्यवस्था) अनिवार्य रूप से रखने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पूजा कमेटियों को कहा गया है कि वे पंडालों में महिला और पुरुष दोनों तरह के वालंटियर्स को सक्रिय रखें, ताकि भीड़ नियंत्रण और महिलाओं की सुरक्षा में कोई चूक न हो। पुलिस बल भी संवेदनशील जगहों पर लगातार गश्त करेगा।


