
Ranchi: रांची जिले के मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र में करीब दो महीने पहले हुए युवक के अंधे कत्ल का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। दूल्ली गांव के करमकोचा टोला स्थित जंगल से बरामद अज्ञात शव की पहचान मांडर थाना क्षेत्र के बांसजाड़ी महुआ जाड़ी निवासी राम कच्छप लोहरा के रूप में हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच टीम ने सघन छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव को घने जंगल में फेंक दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल डंडा और मृतक का कंबल भी बरामद कर लिया है।

4 अगस्त को जंगल में मिला था शव, मां ने की थी पहचान
मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र के दूल्ली गांव स्थित करमकोचा जंगल से 4 अगस्त 2026 को एक अज्ञात युवक का शव बरामद किया गया था। बाद में मृत युवक की मां लक्ष्मी देवी ने उसकी पहचान अपने बेटे राम कच्छप लोहरा के रूप में की। इस मामले में मैक्लुस्कीगंज थाने में कांड संख्या 26/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर पुलिस ने गहराई से तफ्तीश शुरू की थी।

DSP के नेतृत्व में बनी SIT, लगातार छापेमारी के बाद मिली कामयाबी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए Ranchi SSP के निर्देश और Rural SP के मार्गदर्शन में विशेष जांच टीम बनाई गई थी। इस टीम की कमान खलारी DSP राम नारायण चौधरी को सौंपी गई। टीम में खलारी और मैक्लुस्कीगंज थाने के पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। मुखबिरों से मिली पुख्ता सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम ने लगातार छापेमारी की और अंततः दोनों आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही।
करमकोचा टोला से पकड़े गए दोनों आरोपी, जुर्म कबूला
पुलिस टीम ने 12 अक्टूबर 2026 को छापेमारी कर दूल्ली गांव के करमकोचा टोला निवासी जितपाहन उरांव और मंडल मुंडा को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या की बात कबूल कर ली। उन्होंने स्वीकार किया कि राम कच्छप लोहरा की हत्या करने के बाद सबूत छिपाने के लिए शव को जंगल में फेंक दिया गया था। इस सफल अभियान में खलारी थाना प्रभारी राम कुमार वर्मा, मैक्लुस्कीगंज थाना प्रभारी धनंजन बैठा और सब इंस्पेक्टर डेगन कुमार समेत दोनों थानों के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। पुलिस अब दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रतर कानूनी कार्रवाई पूरी करने में जुटी है।


