
Ranchi: मैदान में मेडल जीतकर झारखंड का नाम रोशन करने वाले कई खिलाड़ियों के सामने आर्थिक परेशानी बड़ी चुनौती बनी हुई है। किसी को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए परिवार से पैसे लेने पड़ रहे हैं तो कोई जरूरी खेल सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। खिलाड़ियों की इन्हीं समस्याओं को लेकर युवा राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड प्रदेश की ओर से रांची के मोरहाबादी स्थित गेस्ट हाउस में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव ने की। इसमें खिलाड़ियों की समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।

खिलाड़ियों ने खुलकर बताईं अपनी परेशानियां
बैठक में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए खिलाड़ियों से खेल के दौरान होने वाली परेशानियों पर चर्चा की गई। आर्थिक तंगी, पर्याप्त खेल सुविधाओं की कमी और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के दौरान होने वाले खर्च जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।

खिलाड़ियों का कहना था कि प्रतिभा और मेहनत की कमी नहीं है, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में आगे बढ़ने का रास्ता मुश्किल हो जाता है।
डेढ़ लाख खर्च कर प्रतियोगिता में पहुंचीं महिला खिलाड़ी
बैठक के दौरान एक महिला खिलाड़ी ने अपनी आर्थिक परेशानी बताते हुए कहा कि एक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए थे। उनके मुताबिक यह रकम परिवार से लेकर खर्च करनी पड़ी और वह अब भी उस कर्ज को चुका रही हैं। खिलाड़ियों ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल करने के बावजूद कई खिलाड़ियों के सामने आर्थिक परेशानी बनी रहती है।
हर महीने सम्मान राशि देने की उठी मांग
युवा राजद की बैठक में खिलाड़ियों को नियमित सम्मान राशि और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन की ओर से कहा गया कि बिहार में खिलाड़ियों को 20 से 25 हजार रुपये तक मासिक भत्ता दिए जाने की बात सामने आती है। इसी तर्ज पर झारखंड के खिलाड़ियों के लिए भी सम्मान राशि की व्यवस्था करने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि नियमित आर्थिक सहयोग मिलने से खिलाड़ी रोजमर्रा की आर्थिक परेशानियों से कुछ हद तक मुक्त होकर अपने खेल और प्रशिक्षण पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।
सरकार को सौंपा जाएगा खिलाड़ियों की मांगों का ज्ञापन
युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव ने खिलाड़ियों की समस्याओं और मांगों को एकत्र कर सरकार के सामने रखने की बात कही। बैठक में खिलाड़ियों ने भी कहा कि तमाम परेशानियों के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ है। सरकार से बेहतर खेल सुविधाएं और आर्थिक सहयोग मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड के लिए और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।


