
मोतिहारी: पूर्वी चंपारण में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दौरान मेहसी से स्प्रिट की बड़ी खेप बरामद की गई है। मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की टीम ने मेहसी थाना क्षेत्र के बथना में गुप्त सूचना के आधार पर एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप की तलाशी ली। वाहन के डाले से 44 डब्बों में करीब 1144 लीटर स्प्रिट बरामद हुई। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

गुप्त सूचना पर पिकअप की तलाशी
मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि बथना स्थित सहनी लाइन ढाबा के सामने एक पिकअप से संदिग्ध सामग्री ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में घेराबंदी कर वाहन की जांच की।

मद्यनिषेध निरीक्षक इमरान अंसारी के नेतृत्व में हुई तलाशी के दौरान पिकअप के डाले से 44 डब्बे बरामद हुए। इनमें कुल करीब 1144 लीटर स्प्रिट होने की जानकारी दी गई है।
कार्रवाई के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। दोनों को पटना जिले के जमन बिगहा गांव का निवासी बताया गया है। अभियान में सहायक अवर निरीक्षक विजय पंडित, संतोष कुमार, मद्यनिषेध सिपाही हाकिम आलम, अरविंद कुमार समेत अन्य जवान शामिल रहे।
स्प्रिट कहां से आई और कहां जानी थी?
इतनी बड़ी मात्रा में स्प्रिट बरामद होने के बाद विभाग ने इसकी सप्लाई लाइन की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के आधार पर संभावित सप्लायर, खरीदार और डिलीवरी प्वाइंट की जानकारी जुटाई जा सकती है। जांच एजेंसियां मामले में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक भी खंगाल रही हैं।
क्या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ी है खेप?
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कहीं यह सिर्फ एक खेप थी या इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क सक्रिय है। विभाग यह भी पता लगाने की कोशिश करेगा कि क्या इससे पहले इसी तरह की स्प्रिट पूर्वी चंपारण या आसपास के इलाकों में पहुंचाई गई थी। हालांकि, फिलहाल बरामदगी को किसी पुराने मामले से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अप्रैल की जहरीली शराब घटना के बाद फिर उठे सवाल
मेहसी में स्प्रिट की यह बरामदगी ऐसे समय हुई है, जब इसी साल अप्रैल में मोतिहारी में जहरीली शराब से मौत और लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की घटना सामने आई थी। उस मामले में भी स्प्रिट की बरामदगी की बात सामने आई थी। इसके अलावा पूर्वी चंपारण में 2023 का जहरीली शराब कांड भी अब तक चर्चा में रहा है। उस घटना में कई लोगों की मौत हुई थी और कुछ लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई थी।
हालांकि, मेहसी से बरामद 1144 लीटर स्प्रिट का अप्रैल की घटना या 2023 के मामले से कोई सीधा संबंध होने की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
शराबबंदी के बीच बड़ी मात्रा में स्प्रिट पर नजर
बिहार में शराबबंदी लागू है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में स्प्रिट के परिवहन को लेकर विभाग अब इसकी वैधता और दस्तावेजों की भी जांच करेगा। यदि खेप का परिवहन अवैध पाया जाता है तो इसके स्रोत और संभावित नेटवर्क की पड़ताल अहम होगी।
फिलहाल दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और आगे की जांच जारी है। विभाग की नजर इस बात पर है कि बरामद खेप के पीछे कोई बड़ा सप्लायर या खरीदार तो नहीं है।
(प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)


