
Ranchi: दुर्गा पूजा और दशहरा को लेकर झारखंड पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। त्योहार के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी, अफवाह या सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी 24 जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट जारी किया है। पिछली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पूजा पंडालों, विसर्जन जुलूसों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि इस बार पुलिस की नजर सिर्फ पूजा पंडालों और विसर्जन जुलूसों पर ही नहीं, बल्कि डीजे, जबरन चंदा वसूली, अवैध शराब और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी रहेगी।

11 अक्टूबर से नवरात्रि, 20 को दशहरा
स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होगी। इसके बाद 17 अक्टूबर को महाषष्ठी, 18 अक्टूबर को महासप्तमी और 19 अक्टूबर को महाअष्टमी एवं महानवमी के आयोजन होंगे। 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। कई जगहों पर महाषष्ठी से ही श्रद्धालुओं के लिए पूजा पंडालों के पट खोल दिए जाएंगे। वहीं दशहरा के दिन अलग-अलग स्थानों पर रावण दहन का आयोजन होगा। 20 और 21 अक्टूबर की शाम से प्रतिमा विसर्जन का सिलसिला शुरू होने की संभावना है, जो अगले दो से तीन दिनों तक चल सकता है। इस दौरान नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों के आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने को कहा गया है।

रांची समेत इन 7 जिलों में विशेष सतर्कता
स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट में रांची, गढ़वा, पलामू, चाईबासा, साहिबगंज, बोकारो और हजारीबाग का विशेष उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इन इलाकों में पिछले वर्षों के दौरान विसर्जन जुलूस के रास्ते, तेज आवाज में डीजे बजाने, जबरन चंदा वसूली और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर तनाव या विवाद की घटनाएं सामने आई थीं। इसी को देखते हुए संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और संभावित विवादों को पहले ही सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं।
पूजा पंडालों में आग से बचाव के लिए सख्त नियम
दुर्गा पूजा पंडालों में आग लगने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भी विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। पंडालों के निर्माण में नायलॉन, सिंथेटिक और अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया है। इसके अलावा बिजली के तारों की सही फिटिंग सुनिश्चित करनी होगी, ताकि शॉर्ट सर्किट का खतरा कम हो। हवन कुंड के आसपास पानी और अग्निशामक यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
CCTV और ड्रोन से होगी निगरानी
भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील पूजा पंडालों में CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। विसर्जन जुलूसों के दौरान संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार जुलूस मार्गों के किनारे स्थित संवेदनशील भवनों की छतों पर भी पुलिस की तैनाती की जाएगी। जुलूस की वीडियोग्राफी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की व्यवस्था करने को भी कहा गया है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
DJ की तेज आवाज और भड़काऊ गानों पर रोक
दुर्गा पूजा और विसर्जन जुलूस के दौरान निर्धारित सीमा से ज्यादा तेज आवाज में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले या किसी समुदाय के खिलाफ उकसाने वाले गाने और आपत्तिजनक सामग्री के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी।Nइसके साथ ही विसर्जन जुलूस केवल पहले से निर्धारित और पारंपरिक रास्तों से ही निकाले जाएंगे। बिना अनुमति रूट में बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
WhatsApp, Facebook और Instagram पर 24 घंटे नजर
इस बार सोशल मीडिया की निगरानी को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं।
व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। इसका मकसद अफवाह, भड़काऊ संदेश और गलत जानकारी फैलने से रोकना है। यदि कोई व्यक्ति धार्मिक उन्माद फैलाने या माहौल खराब करने के उद्देश्य से भ्रामक सामग्री साझा करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जबरन चंदा वसूली और अवैध शराब पर भी कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय ने त्योहार के दौरान अवैध शराब की बिक्री, जबरन चंदा वसूली और जुए के अड्डों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में शांति समिति की बैठकें आयोजित करने और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाए रखने को क…


