
पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जेडीयू के भीतर सियासी खींचतान तेज हो गई है। मोकामा विधायक अनंत सिंह के विरोध के बीच पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने पलटवार किया है। उन्होंने अपने बूथ पर अलग-अलग चुनावों में मिले वोटों का आंकड़ा पेश करते हुए अनंत सिंह के आरोपों का जवाब दिया। नीरज कुमार ने दावा किया कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह के लिए प्रचार नहीं किया, लेकिन अपने बूथ से जेडीयू उम्मीदवारों को समर्थन दिलाया।

‘नीतीश कुमार के खिलाफ बोलने वालों का विरोध करूंगा’
शनिवार को मीडिया से बातचीत में नीरज कुमार ने कहा कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफी सम्मान करते हैं और उनके खिलाफ बयान देने वालों का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में फिलहाल सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है और जेडीयू ने सरकार के साथ खड़े रहने का फैसला किया है।

नीरज के मुताबिक, सरकार या नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी करने वालों का विरोध करना उनका नैतिक दायित्व है। उनके इस बयान को अनंत सिंह के रुख पर सीधे जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
2020 और 2025 के चुनावों के आंकड़े गिनाए
नीरज कुमार ने अपने बूथ पर हुए पिछले विधानसभा चुनावों के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 2020 के मोकामा विधानसभा चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार राजीव लोचन सिंह को उनके बूथ से 264 वोट मिले थे, जबकि आरजेडी उम्मीदवार अनंत सिंह को 244 वोट मिले थे।
उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। नीरज के अनुसार, उस चुनाव में जेडीयू के टिकट पर मैदान में उतरे अनंत सिंह को उनके बूथ से 437 वोट मिले, जबकि आरजेडी उम्मीदवार बीना देवी को 197 वोट मिले।
नीरज कुमार ने दावा किया कि चुनाव आयोग के आंकड़े उनके बयान की पुष्टि करते हैं। इन आंकड़ों के जरिए उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि उनका राजनीतिक रुख पार्टी के साथ रहा है।
ललन सिंह के समर्थन में मिले वोटों का भी किया जिक्र
नीरज कुमार ने मुंगेर लोकसभा चुनाव के आंकड़े भी सामने रखे। उन्होंने दावा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में उनके बूथ से जेडीयू उम्मीदवार ललन सिंह को 399 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार नीलम देवी को 171 वोट मिले थे।
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस बार ललन सिंह को उनके बूथ से 611 वोट मिले, जबकि आरजेडी उम्मीदवार अनिता देवी को 22 वोट प्राप्त हुए। नीरज ने इन आंकड़ों के आधार पर दावा किया कि उन्होंने अलग-अलग चुनावों में जेडीयू उम्मीदवारों का समर्थन किया है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित चुनाव परिणामों और बूथवार आधिकारिक आंकड़ों का मिलान जरूरी है।
‘प्रचार में नहीं जाना विरोध करना नहीं है’
विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह का विरोध करने के आरोप पर नीरज कुमार ने कहा कि वह अपने व्यक्तिगत मत पर कायम रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी उम्मीदवार के प्रचार में शामिल नहीं होने का अर्थ उसका विरोध करना नहीं है।
पटना स्नातक सीट पर अपनी स्थिति को लेकर भरोसा जताते हुए उन्होंने तंज भी कसा। नीरज ने कहा, “हमारी सीट तो कूल है, जिसको हिट होना है, वो अपना दिमाग हीट करते रहे।”
AK-47 मामले पर भी उठाए सवाल
बातचीत के दौरान नीरज कुमार ने अनंत सिंह के घर में AK-47 रखवाने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अनंत सिंह को इस संबंध में आपत्ति थी, तो उन्होंने अदालत में आवेदन क्यों नहीं दिया। उन्होंने नार्को टेस्ट का भी जिक्र किया और कहा कि इससे सच्चाई सामने आ सकती है।
इस मुद्दे पर नीरज कुमार के बयान को उनके राजनीतिक पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए। मामले से जुड़े आरोपों और कानूनी तथ्यों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही की जा सकती है।
अनंत सिंह के रुख को नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश बताया
नीरज कुमार ने विधान परिषद चुनाव में अनंत सिंह के रुख को नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि निशांत कुमार को कमजोर करने की रणनीति भी बनाई जा रही है। गौरतलब है कि अनंत सिंह पटना स्नातक सीट से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करने की बात कह चुके हैं। इसी मुद्दे पर जेडीयू के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है।
अब पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार और उनके विरोध में खड़े नेताओं के बीच यह राजनीतिक खींचतान किस दिशा में जाती है, इस पर सबकी नजर है।


