
मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी केंद्रीय कारागार में इन दिनों नवरात्र को लेकर भक्ति का माहौल है। जेल की सलाखों के पीछे रह रहे बंदी भी पूरी श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं। रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ कलश स्थापना कर नवरात्र व्रत की शुरुआत की गई। इस बार जेल के कुल 132 बंदियों ने उपवास रखा है। खास बात यह है कि इनमें हिंदू बंदियों के साथ मुस्लिम समुदाय के बंदी भी शामिल हैं।

18 महिला बंदियों समेत 132 कैदियों ने रखा व्रत
मोतिहारी केंद्रीय कारागार में इस वर्ष नवरात्र के अवसर पर कुल 132 बंदियों ने व्रत रखा है। इनमें 44 सजायाफ्ता और 88 विचाराधीन बंदी शामिल हैं। वहीं, 18 महिला बंदी भी मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रही हैं।

रविवार को जेल परिसर में विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई। इसके बाद बंदियों ने नवरात्र व्रत की शुरुआत की। भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार से कारागार परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
जेल प्रशासन ने की फलाहार और पूजा सामग्री की व्यवस्था
नवरात्र का व्रत रखने वाले बंदियों की जरूरतों को देखते हुए जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। उपवास करने वाले बंदियों को नए वस्त्र, फल, दूध, पूजा सामग्री और फलाहार उपलब्ध कराया गया है।
इस व्यवस्था से बंदियों को जेल के भीतर ही धार्मिक परंपराओं का पालन करने में सुविधा मिल रही है। प्रशासन की ओर से पूजा-अर्चना के लिए जरूरी सामग्री भी मुहैया कराई गई है।
मुस्लिम बंदियों ने भी रखा नवरात्र व्रत
मोतिहारी केंद्रीय कारागार में नवरात्र का आयोजन धार्मिक सौहार्द की मिसाल भी पेश कर रहा है। हिंदू बंदियों के साथ मुस्लिम समुदाय के कुछ बंदियों ने भी मां दुर्गा की आराधना करते हुए व्रत रखा है।
व्रत रखने वाले बंदियों में अशोक यादव, श्रीराम सिंह, विमल सिंह और बजरंगी यादव के साथ मुस्लिम बंदी परवेज आलम और फरमान भी शामिल हैं।
वहीं, महिला बंदियों में बबीता श्रीवास्तव, माला देवी और सुनीता देवी भी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर रही हैं।
जेल की सलाखों के पीछे दिखा आस्था और भाईचारे का संगम
मोतिहारी केंद्रीय कारागार में नवरात्र के दौरान बंदियों की भागीदारी धार्मिक आस्था के साथ आपसी भाईचारे की तस्वीर पेश कर रही है। अलग-अलग धर्मों के बंदियों का एक साथ पूजा और व्रत में शामिल होना इस आयोजन को खास बना रहा है।
जेल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के बीच बंदी नवरात्र की धार्मिक परंपराओं का पालन कर रहे हैं। कारागार परिसर में भजन-कीर्तन और मां दुर्गा की आराधना का सिलसिला जारी है।


