
मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में साइबर अपराध के एक कथित बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र में छापेमारी कर नौ संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह की नजर एक कॉरपोरेट बैंक खाते में जमा करीब 56 करोड़ रुपये पर थी। इस रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर करने की कथित योजना बनाई जा रही थी। मामले में दुबई में बैठे साइबर अपराधियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह 12 अक्टूबर 2026 की रात Camp System Private Limited के बैंक खाते में मौजूद पूरी राशि को अपने नियंत्रण वाले खातों में हस्तांतरित करने की योजना बना रहा था। गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और कथित साजिश का खुलासा किया।

बैंककर्मियों से गोपनीय जानकारी लेने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह कथित तौर पर कुछ अज्ञात बैंककर्मियों से कॉरपोरेट बैंक खातों की गोपनीय जानकारी हासिल करता था। इसमें खाताधारक का नाम, यूजर आईडी, मोबाइल नंबर और खाते में उपलब्ध राशि का विवरण शामिल बताया गया है।
आरोप है कि इस जानकारी का इस्तेमाल कर मोबाइल पर लिंक के जरिए OTP भेजने और मोबाइल तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश की जाती थी। इसके बाद नेट बैंकिंग में लॉगिन कर खाते से रकम निकालने की योजना बनाई जाती थी।
दुबई में बैठे साइबर अपराधियों से कथित कनेक्शन
पुलिस के अनुसार, गिरोह की कथित कार्यप्रणाली में स्विफ्ट कोड के जरिए रकम को दुबई में बैठे साइबर अपराधियों से जुड़े खातों में भेजना शामिल था। जांच में यह भी सामने आया है कि रकम का कथित तौर पर 30 प्रतिशत हिस्सा काटने के बाद शेष राशि USDT के माध्यम से अलग-अलग खातों में भेजी जाती थी।
USDT एक क्रिप्टोकरेंसी टोकन है, जिसका मूल्य अमेरिकी डॉलर से जुड़ा होता है। पुलिस अब कथित लेन-देन के रास्तों और इसमें शामिल लोगों के संपर्कों की जांच कर रही है। इन गतिविधियों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
लैपटॉप से मिले संदिग्ध पोर्टल और बैंक लॉगिन के साक्ष्य
छापेमारी के दौरान पुलिस ने नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। तलाशी में कई संदिग्ध सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, लैपटॉप की जांच में संदिग्ध पोर्टल, बैंक लॉगिन से जुड़ी जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इनकी मदद से कथित साइबर नेटवर्क की गतिविधियों, संभावित लेन-देन और दूसरे संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
करोड़ों रुपये वाले कॉरपोरेट खाते थे निशाने पर
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरोह ऐसे कॉरपोरेट बैंक खातों को निशाना बनाता था, जिनमें बड़ी रकम जमा रहती थी। करीब 56 करोड़ रुपये वाले खाते को निशाना बनाने की कथित योजना के कारण मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
अब जांच में यह पता लगाने पर जोर है कि खातों की गोपनीय जानकारी कहां से हासिल की गई, रकम ट्रांसफर करने के लिए किन खातों का इस्तेमाल होना था और दुबई में बैठे संदिग्धों से स्थानीय आरोपितों का क्या संपर्क था।
इस मामले में मोतिहारी साइबर थाना कांड संख्या 153/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर गिरोह के अन्य सदस्यों और कथित अंतरराष्ट्रीय लेन-देन से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।
(प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)


