
मोतिहारी: समूह लोन दिलाने के नाम पर महिलाओं समेत अन्य लोगों से कथित ठगी करने वाले गिरोह का कल्याणपुर पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के एक आरोपी चंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरोह का मैनेजर बताए जा रहे गुलशन कुमार को बेलसंड पुलिस शराब मामले में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

कल्याणपुर थानाध्यक्ष अमरजीत कुमार के अनुसार, तीन अक्टूबर को वृंदावन निवासी रानी कुमारी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि आवास फाइनेंशियल लिमिटेड के नाम पर एक लाख रुपये का लोन दिलाने के नाम पर उससे 10 हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस ली गई। आरोपी ने खुद को कंपनी का फील्ड मैनेजर चंदन चौधरी बताते हुए लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिया था।

रुपये लेने के बाद आरोपी ने महिला को पीले रंग का बंद लिफाफा दिया और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसे खोलने को कहा। बाद में लिफाफा खोलने पर उसमें रुपये के आकार में काटे गए कागज मिले। इसके बाद महिला ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
दर्जनों लोगों को ठगी का शिकार बनाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि इसी तरीके से एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनों लोगों से कथित ठगी की गई है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। मधुबन थाना क्षेत्र के तालीमपुर स्थित किराये के मकान से चंदन कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर मैनेजर गुलशन कुमार के घर पर भी छापेमारी की गई। यहां से पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किए।
2024 से चल रहा था कथित ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में चंदन ने बताया कि गिरोह वर्ष 2024 से फर्जी लोन के नाम पर लोगों को ठग रहा था। आरोप है कि आवास फाइनेंशियल लिमिटेड के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से हस्ताक्षर कराए जाते थे।
एक लाख रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर पहले 10 हजार रुपये लिए जाते थे। इसके बाद दो लाख रुपये तक का लोन दिलाने का भरोसा दिया जाता था। रकम लेने के बाद पीले लिफाफे में नोट के आकार के कागज रखकर लोगों को दे दिए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरजा देवी, रामाकांत भगत, मूर्ति देवी, रविंद्र सहनी और जलेन्द्र हजरा समेत कई लोगों को कल्याणपुर मस्जिद के पास बुलाकर इसी तरह लिफाफे दिए गए थे। लिफाफा खोलने पर उसमें रुपये के बजाय कागज मिले।
68 पत्र, 58 लिफाफे और 20 एटीएम कार्ड बरामद
पुलिस की छापेमारी में आवास फाइनेंस लिमिटेड के नाम-पते वाले 68 पत्र, मोहर, दो आईडी कार्ड, 58 लिफाफे और 10 सदस्यों के आवेदन फॉर्मबरामद किए गए।इसके अलावा 20 एटीएम कार्ड, एक टैब, पांच छोटे मोबाइल और एक बड़ा मोबाइल फोन भी मिला है। पुलिस ने आधार कार्ड के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूको बैंक समेत कई बैंकों के चेक भी बरामद किए हैं।
कई इलाकों में नेटवर्क फैलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने मधुबन में कार्यालय खोल रखा था और मोतिहारी, चकिया, पिपरा, कल्याणपुर समेत कई इलाकों में कथित तौर पर लोगों को अपना शिकार बनाया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों से ठगी की है और इसका नेटवर्क दूसरे जिलों तक कितना फैला हुआ है।
गिरफ्तार आरोपी चंदन कुमार को न्यायिक हिरासत में मोतिहारी भेज दिया गया है। छापेमारी में अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार, अर्जुन कुमार समेत पुलिस बल के जवान शामिल रहे।
(प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)


