
मोतिहारी: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), पूर्वी चंपारण के सचिव नितिन त्रिपाठी ने गुरुवार को पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा और विधिक सहायता की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार और नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।

भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता पर जोर
निरीक्षण के दौरान DLSA सचिव ने बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता की जानकारी ली। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाए रखने और बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भोजन की व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

स्वच्छता और भवन की स्थिति की समीक्षा
नितिन त्रिपाठी ने पर्यवेक्षण गृह परिसर की साफ-सफाई और शौचालयों के रखरखाव का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश दिया।
भवन की स्थिति की समीक्षा के दौरान दीवारों की आवश्यक मरम्मत और पेंटिंग कराने को कहा गया। साथ ही दीवारों में जहां-जहां सीलन की समस्या है, उसकी पहचान कर स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सुरक्षा व्यवस्था की भी हुई जांच
सचिव ने पर्यवेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने नियमित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर जांच सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बच्चों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
विधिक सहायता डेस्क और रिकॉर्ड की जांच
निरीक्षण के दौरान DLSA सचिव ने विधिक सहायता डेस्क का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां रखे विभिन्न रजिस्टरों और अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने पात्र बच्चों को समय पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने और सभी जरूरी अभिलेखों को नियमित रूप से अपडेट रखने का निर्देश दिया।
निरीक्षण का उद्देश्य पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित, स्वस्थ और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके विधिक अधिकारों तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना था।


