
मोतिहारी: भगवान बलभद्र एवं श्री सहस्रार्जुन पूजन महोत्सव के मंच से पूर्व सांसद रमा देवी के एक बयान ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है। वैश्य समाज के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए रमा देवी ने भगवान कृष्ण, बलराम और कंस का उदाहरण देते हुए बिना किसी का नाम लिए निशाना साधा।

रमा देवी ने कहा, “मोतिहारी में एक कंस बैठा है, जो हमारे समाज के एक-एक लोगों को खत्म कर रहा है।” उन्होंने समाज के लोगों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील की। साथ ही कहा कि अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान की रक्षा के लिए समाज के लोगों को एकजुट रहना होगा।

‘कृष्ण और बलराम की तरह एकजुट होना होगा’
रमा देवी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि आने वाले समय में समाज के लोगों को एकजुट होकर कृष्ण और बलराम की तरह कंस का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि समाज के लोग अब चुप रहने वाले नहीं हैं।
हालांकि, अपने पूरे संबोधन में रमा देवी ने किसी नेता या व्यक्ति का नाम नहीं लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि ‘कंस’ कहकर उनका इशारा किसकी ओर था। ऐसे में उनके बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
वैश्य समाज के कार्यक्रम में दिया बयान
मोतिहारी में भगवान बलभद्र एवं श्री सहस्रार्जुन पूजन महोत्सव का आयोजन वैश्य समाज की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में समाज के कई लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसी मंच से रमा देवी ने समाज की एकजुटता और अपने अधिकारों को लेकर जागरूक रहने की बात कही। उनके ‘कंस’ वाले बयान का वीडियो और अंश सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर वह किस राजनीतिक या सामाजिक व्यक्ति की ओर संकेत कर रही थीं।
बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
रमा देवी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार की राजनीति में विभिन्न मुद्दों को लेकर नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है। हालांकि, रमा देवी के संबोधन में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया गया है, इसलिए उनके बयान का वास्तविक राजनीतिक निशाना कौन था, यह स्पष्ट नहीं है।
अब चर्चा इसी बात को लेकर है कि रमा देवी ने ‘कंस’ की उपमा किस संदर्भ में दी और उनके बयान के पीछे स्थानीय स्तर पर कौन-सा मुद्दा था। फिलहाल उनके बयान की ओर से किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
(प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)


