
मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में गुरुवार को एक शिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। घटना बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा पूर्वी की है। मृतक की पहचान सिसवा पूर्वी निवासी शिक्षक समसाद आलम के रूप में हुई है। परिजनों ने पूर्व प्रमुख चमन और उसके समर्थकों पर शिक्षक को अगवा कर मारपीट करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल नहीं हो सकी है।

परिजनों के अनुसार, समसाद आलम सिसवा उर्दू स्कूल में पढ़ाने के बाद गुरुवार को घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पूर्व प्रमुख चमन और उसके समर्थकों ने उन्हें कथित तौर पर रोक लिया और अपने साथ ले गए। परिवार का आरोप है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। कुछ समय बाद उनकी मौत की सूचना मिली।

मिट्टी कटाई को लेकर पहले से विवाद का दावा
मृतक के पिता मो. रफीस ने बताया कि मिट्टी कटाई को लेकर चमन के साथ उनका पुराना विवाद चल रहा था। इसी मामले को लेकर समसाद आलम की ओर से शिकायत किए जाने की बात भी कही गई है। परिवार का आरोप है कि विवाद के बाद शिक्षक को पहले भी धमकियां मिलती थीं। परिजनों को आशंका है कि इसी पुराने विवाद के कारण समसाद को निशाना बनाया गया।
हालांकि, मौत की वास्तविक वजह क्या है और शिक्षक के साथ घटना से पहले क्या हुआ, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
लापता होने के बाद थाने पहुंचे थे पिता
समसाद के पिता के मुताबिक, बेटे के घर नहीं पहुंचने के बाद उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। करीब साढ़े चार बजे वह बंजरिया थाना पहुंचे और पुलिस को इसकी जानकारी दी। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया।
पिता के अनुसार, करीब पांच घंटे बाद थाना से फोन आया कि समसाद आलम सदर अस्पताल में हैं। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने समसाद को मृत पाया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
सदर अस्पताल के मुख्य गेट पर शव रखकर सड़क जाम
शिक्षक की मौत की खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। लोगों ने शव को सदर अस्पताल के मुख्य गेट के पास रख दिया और मुख्य सड़क को जाम कर दिया। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
हंगामे की सूचना मिलने पर सदर एसडीओ अरुण कुमार और डीएसपी दिलीप कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने और सड़क जाम हटाने का प्रयास किया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग
मृतक के परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही उन्होंने बंजरिया थानाध्यक्ष की भूमिका की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि समय पर पुलिस कार्रवाई होती तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।
समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी थी। शिक्षक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसमें किसकी भूमिका है और क्या यह हत्या का मामला है, इन सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पूर्व प्रमुख और उनके समर्थकों पर लगाए गए हत्या के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल नहीं हो सकी है।
(प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)


