
Ranchi/Bokaro: झारखंड के चर्चित JSSC CGL कथित पेपर लीक कांड की तहकीकात कर रही CID को गुरुवार को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जांच एजेंसी की स्पेशल टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी रितेश कुमार को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी बोकारो जिले के दुग्दा का रहने वाला है। जांच एजेंसी को काफी दिनों से इसकी तलाश थी और उसकी गिरफ्तारी से पेपर लीक सिंडिकेट के कई बड़े राजफाश होने की उम्मीद बढ़ गई है।

30 से ज्यादा अभ्यर्थियों को जुटाकर रटवाए थे सवाल-जवाब
जांच में सामने आया है कि रितेश कुमार पेपर लीक नेटवर्क में बेहद अहम भूमिका निभा रहा था। उस पर परीक्षा से ठीक पहले दर्जनों अभ्यर्थियों को एक जगह जुटाने, लीक प्रश्न पत्र के उत्तर याद कराने और पूरे गिरोह के जरिए अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप है। सूत्रों के मुताबिक परीक्षा से पहले उसने 30 से अधिक अभ्यर्थियों को एक गुप्त ठिकाने पर बुलाया था। वहां सभी को लीक हुए सवालों के जवाब तोते की तरह रटवाए गए थे। इस पूरी सेटिंग के बदले अभ्यर्थियों से लाखों रुपये का सौदा किया गया था और खेल शुरू होने से पहले ही मोटी रकम एडवांस के तौर पर ऐंठ ली गई थी।

अब तक 37 आरोपी जा चुके हैं जेल, 500 से ज्यादा से पूछताछ
CID की टीम इस मामले में लगातार शिकंजा कसती जा रही है। गुरुवार को भी 20 से अधिक अभ्यर्थियों को तलब कर घंटों पूछताछ की गई। मामले में अब तक 500 से ज्यादा अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि सिंडिकेट से जुड़े 37 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जा चुका है। रितेश की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा सीधे उन छात्रों तक भी पहुंचेगा जो उसके संपर्क में रहकर पेपर रटने पहुंचे थे।
रिमांड पर लेकर मनी ट्रेल और बैंक खातों की होगी जांच
CID अब रितेश कुमार को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल करने जा रही है। जांच एजेंसी उसके बैंक खातों, UPI ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को बारीकी से खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थियों से वसूली गई लाखों की रकम किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई और इस पूरे सिंडिकेट में पर्दे के पीछे से कौन-कौन से बड़े सफेदपोश और दलाल काम कर रहे थे। रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और बड़े नामों के बेनकाब होने की संभावना है।


