
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र के यजुआर ओपी अंतर्गत डुमरी गांव में 19 वर्षीय पलक कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और शव छिपाने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घर के पीछे स्थित बगीचे में गड्ढे से युवती का शव बरामद किया। गिरफ्तार लोगों में मृतका की मां उषा देवी, बहन प्रीति कुमारी और दो अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस को शुरुआती जांच में ऑनर किलिंग की आशंका है, हालांकि मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने शव छिपाने की बात स्वीकार की है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई जांच
ग्रामीण एसपी ने बताया कि 13 अक्टूबर को यजुआर पुलिस को डुमरी गांव से एक युवती के रहस्यमय तरीके से लापता होने की सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस टीम उसके घर पहुंची, लेकिन वहां ताला लगा मिला।
इसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान परिवार के सदस्यों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद कटरा थाना (यजुआर ओपी) में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के निर्देश पर ग्रामीण एसपी की निगरानी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-1) अलय वत्स के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। इसमें यजुआर ओपी अध्यक्ष रौशन कुमार मिश्र को भी शामिल किया गया।
कॉल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच से मिला सुराग
पुलिस ने जांच के दौरान युवती के परिजनों के कॉल रिकॉर्ड की पड़ताल की, खुफिया जानकारी जुटाई और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में पुलिस को पता चला कि युवती की मौत हो चुकी है और उसका शव घर के पास स्थित बगीचे में गड्ढा खोदकर छिपाया गया है।
इसके बाद 14 अक्टूबर को पुलिस ने सुबोध चौधरी, उषा देवी, प्रीति कुमारी और अविनाश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गड्ढे की खुदाई कर शव बरामद किया गया।
प्रेम प्रसंग को लेकर विवाद की आशंका
पुलिस जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, युवती का गांव के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग होने की बात सामने आई है। आरोप है कि इस संबंध को लेकर परिवार में विवाद था। पूछताछ के दौरान मां और बहन ने कथित तौर पर युवती की मौत और शव छिपाने से जुड़ी जानकारी दी है।
पुलिस के मुताबिक, शव को घर के पीछे बगीचे में दफनाने और साक्ष्य छिपाने में दो अन्य आरोपियों ने भी कथित रूप से मदद की। जांच के दौरान गड्ढे में नमक डाले जाने और उसके ऊपर आम का पौधा लगाए जाने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत हत्या थी या आत्महत्या, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकेगी। इसलिए फिलहाल घटना को लेकर सामने आए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
FSL टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
शव बरामद होने के बाद घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। इन साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला ऑनर किलिंग से जुड़ा होने की आशंका है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
घटना सामने आने के बाद डुमरी गांव और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


