
Garhwa News: गढ़वा जिले के नगर उटारी स्थित प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने दहेज प्रताड़ना के एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए एक महिला वकील समेत चार लोगों को दोषी पाया और उन्हें दो-दो साल की जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने सभी दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का नकद जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषियों को छह-छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

कार और 5 लाख रुपये दहेज मांगने का आरोप
पीड़िता खुशबू कुमारी ने साल 2019 में अपने पति सत्येंद्र कुमार, सास मालती कुंवर, ननद चंदा देवी (वकील), ननदोई अग्नेश पासवान और उनके बेटे प्रिंस के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। खुशबू का आरोप था कि 2017 में सत्येंद्र के साथ शादी के वक्त उसके परिवार ने 10 लाख रुपये नकद और एक मारुति 800 कार दी थी। इसके बावजूद शादी के बाद पति और ससुराल वाले दहेज के रूप में एक स्विफ्ट डिजायर कार और 5 लाख रुपये कैश की मांग कर रहे थे और बात न मानने पर उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।

जांच के बाद कोर्ट में चला मामला
पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामले की छानबीन की और आरोप सही पाते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राजश्री अपर्णा कुजूर की अदालत में इस केस की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें और सबूतों को देखने-सुनने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को दहेज उत्पीड़न का दोषी माना, जबकि साक्ष्यों के अभाव में दो अन्य अभियुक्तों को बरी कर दिया।


