
Ranchi: 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज एक अहम सुनवाई हुई, जिसमें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन के बिंदु पर विचार किया गया। यह सुनवाई PMLA कोर्ट के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में हुई। आरोप गठित होते ही इस मामले में ट्रायल शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।

समय मांगा गया, पर कोर्ट ने दिया सख्त निर्देश
सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से अदालत से कुछ और समय दिए जाने की मांग की गई। बताया गया कि व्यस्तताओं और काम का हवाला देते हुए अदालत में उपस्थित होने में असमर्थता जताई गई थी। हालांकि अदालत ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सोमवार शाम 4 बजे तक वर्चुअल यानी VC के जरिए कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है।

पहले ही कई आरोपियों पर तय हो चुके हैं आरोप
इस मामले में भानु प्रताप प्रसाद और अंतू तिर्की समेत कई अन्य आरोपियों पर पहले ही आरोप गठित किए जा चुके हैं। अब बारी हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की है, जिस पर आज की सुनवाई में विचार किया गया। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ED इस पूरे मामले की जांच पूरी करने के बाद पहले ही PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुका है।
गौरतलब है कि इस मामले में हेमंत सोरेन समेत कई आरोपियों की पहले गिरफ्तारी भी हो चुकी है, हालांकि फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं।


